बच्चों की अच्छी आदतों के लिए बताएं ये बातें
खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग पर बने रंग-बिरंगे निशान केवल सजावट नहीं, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता और उसकी प्रकृति की सटीक जानकारी देते हैं। बच्चों को छोटी उम्र से ही इन संकेतों की पहचान कराना बेहद जरूरी है, ताकि वे अपने लिए सही और सुरक्षित खाद्य सामग्री चुन सकें।
खाद्य सामग्री पर बने निशानों का महत्व
बाजार में मिलने वाले अधिकतर पैक्ड फूड पर विभिन्न रंगों के छोटे बिंदु या निशान छपे होते हैं। हर व्यक्ति की खान-पान की आदतें अलग होती हैं—कोई पूरी तरह शाकाहारी होता है, तो कोई मांसाहारी या अंडाहारी। इन संकेतों की मदद से उपभोक्ता बिना पैकेट खोले यह समझ सकते हैं कि अंदर मौजूद सामान उनके लिए उपयुक्त है या नहीं। आमतौर पर लोग केवल हरे और लाल रंग के बारे में ही जानते हैं, लेकिन इनके अलावा भी कई रंग पैकेट्स पर दिखाई देते हैं।
विभिन्न रंगों के संकेतों का असली अर्थ
पैकेट पर बने हरा निशान यह स्पष्ट करता है कि उत्पाद पूर्णतः शाकाहारी है, जबकि लाल निशान मांसाहारी सामग्री की उपस्थिति दर्शााता है। इसके अलावा पीला निशान यह बताता है कि उत्पाद में अंडे का इस्तेमाल किया गया है। यदि किसी सामग्री पर नीला निशान दिखता है, तो इसका सीधा संबंध मेडिकल या स्वास्थ्यवर्धक गुणों से होता है।
काले निशान वाली चीजों से रहें सावधान
खरीदारी करते समय काले निशान वाले खाद्य पदार्थों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। काला निशान यह संकेत देता है कि उस उत्पाद में अत्यधिक मात्रा में रसायनों (केमिकल्स) का प्रयोग किया गया है। ऐसे उत्पादों का सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए काले निशान वाली चीजों को खरीदने से हमेशा बचना चाहिए। बच्चों को इन सभी रंगों का सही मतलब समझाकर एक जागरूक उपभोक्ता बनाया जा सकता है।


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