Pune रेप-मर्डर केस: पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उजागर की हैवानियत की हद
पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले के भोर (नसरापुर) क्षेत्र में 4 वर्षीय मासूम के साथ हुई अमानवीय दरिंदगी और उसकी निर्मम हत्या ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। ससून अस्पताल द्वारा पुलिस को सौंपी गई शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रूह कंपा देने वाले खुलासे हुए हैं, जो अपराधी की क्रूर मानसिकता को दर्शाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मासूम की चीखें दबाने के लिए आरोपी ने उसके मुंह में मोजे ठूंस दिए थे और उसके शरीर, विशेषकर छाती पर चोट के गहरे निशान पाए गए हैं। यह रिपोर्ट पुष्टि करती है कि बच्ची को न केवल यौन शोषण का शिकार बनाया गया, बल्कि उसे असहनीय शारीरिक यातनाएं देकर मौत के घाट उतारा गया।
विश्वासघात और हैवानियत का खौफनाक मंजर
पीड़ित बच्ची गर्मी की छुट्टियां मनाने अपने ननिहाल आई हुई थी, जहां 1 मई की दोपहर वह घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान 65 वर्षीय आरोपी भीमराव कांबले उसे बछड़ा दिखाने के बहाने बहला-फुसलाकर पास के एक मवेशी शेड में ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और पहचान उजागर होने के डर से पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी का सुराग मिला, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी महिलाओं तथा नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न के मामलों में शामिल रहा है, लेकिन कानूनी बारीकियों के चलते बचता रहा।
सरकार का कड़ा रुख और न्याय का आश्वासन
इस घटना पर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है। मुख्यमंत्री ने बच्ची के पिता से व्यक्तिगत रूप से बात की और आश्वासन दिया कि इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग करेंगे और पुलिस को एक ऐसी 'वॉटरटाइट' चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें कानून की कोई भी खामी न रहे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस जघन्य अपराध के लिए दोषी को समाज में एक उदाहरण बनने वाली सजा दिलाई जाएगी।
जनता का आक्रोश और सामाजिक न्याय की मांग
इस क्रूर कांड के बाद पुणे के नसरापुर और आसपास के इलाकों में भारी जन-आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने बंद का आह्वान किया और मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग पर विरोध प्रदर्शन कर आरोपी को तत्काल फांसी देने की मांग की। पीड़ित परिवार ने राजनीतिक हस्तक्षेप से इनकार करते हुए केवल न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस प्रशासन अब आरोपी के पिछले रिकॉर्ड्स को भी खंगाल रहा है ताकि उसके पुराने अपराधों को भी इस केस के साथ जोड़कर उसे सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और पूरा महाराष्ट्र इस नन्हीं जान के लिए इंसाफ की राह देख रहा है।


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