नित्या ने मेयर पद पर कब्जा किया, भारतवंशी गौरव की कहानी
लॉस एंजिल्स: भारतवंशी नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स के मेयर पद की दौड़ में एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इस जीत के साथ ही उन्होंने नवंबर में होने वाले मुख्य आम चुनाव (रन-ऑफ इलेक्शन) के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया है। नित्या रमन ने इस त्रिकोणीय मुकाबले में पूर्व रियलिटी टीवी स्टार और रिपब्लिकन उम्मीदवार स्पेंसर प्रैट को कड़े मुकाबले में पीछे छोड़ते हुए चुनाव के अगले और अंतिम चरण में प्रवेश किया है। अब नवंबर के आम चुनाव में उनका सीधा मुकाबला मौजूदा मेयर करेन बैस से होगा। इस शानदार सफलता के बाद नित्या रमन ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लॉस एंजिल्स के मतदाताओं और अपने समर्थकों का दिल से आभार व्यक्त किया।
नित्या रमन ने अपने संदेश में कहा कि यह सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि उन हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मेहनत का परिणाम है जिन्होंने दिन-रात एक करके उनके लिए घर-घर जाकर प्रचार किया, लोगों को फोन कॉल किए, संदेश भेजे, आर्थिक योगदान दिया और उनके इस चुनावी अभियान को जमीन पर मजबूत बनाया। रमन ने इसके साथ ही शहर के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों का भी खुलकर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक लंबे समय से लॉस एंजिल्स की राजनीति में आम जनता के बजाय केवल प्रभावशाली और शक्तिशाली हित समूहों के फायदों को प्राथमिकता दी जाती रही है। इसी का नतीजा है कि आज शहर के आम नागरिक लगातार बढ़ते किराए, कमजोर सार्वजनिक सेवाओं और कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने वादा किया कि मेयर बनने के बाद वे एक ऐसा लॉस एंजिल्स बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम करेंगी जो सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित, किफायती और हर मायने में बेहतर हो।
सामाजिक कार्यों से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
नित्या रमन का राजनीति में आने का सफर बेहद जमीनी और सामाजिक कार्यों से जुड़ा रहा है। लॉस एंजिल्स की सिटी काउंसिल में चुने जाने से पहले वह बेघर लोगों (होमलेसनेस) के मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम करने वाली एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता थीं। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए जमीनी स्तर पर कई संगठन भी बनाए। उनके चुनावी घोषणापत्र में भी शहर के बेघर लोगों की संख्या को कम करना और साल 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक खेलों से पहले सड़कों और अस्थायी शिविरों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर व स्थिति में बड़ा सुधार लाना सबसे प्रमुख लक्ष्य है।
हार्वर्ड और एमआईटी से ली है उच्च शिक्षा
एक कुशल शहरी योजनाकार (अर्बन प्लानर) के रूप में प्रशिक्षित नित्या रमन शैक्षणिक रूप से बेहद मजबूत पृष्ठभूमि से आती हैं। उन्होंने अमेरिका के बेहद प्रतिष्ठित संस्थानों हार्वर्ड विश्वविद्यालय और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से उच्च शिक्षा हासिल की है। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारत के चेन्नई में भी रहकर स्वच्छता और कमजोर वर्गों के राजनीतिक अधिकारों के लिए एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) का संचालन किया था।
लॉस एंजिल्स की राजनीति में पहले भी रच चुकी हैं इतिहास
साल 2020 में नित्या रमन ने पहली बार लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल का चुनाव जीतकर एक बड़ा राजनीतिक इतिहास रचा था। वह इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाली पहली एशियाई-अमेरिकी और पहली दक्षिण एशियाई महिला बनी थीं। इसके बाद, मार्च 2024 में हुए चुनावों में भी उन्हें जनता का भारी समर्थन मिला और वे दूसरे कार्यकाल के लिए चुनी गईं। सिटी काउंसिल में छह साल के मजबूत अनुभव और अपनी प्रगतिशील नीतियों के दम पर अब उनकी नजर लॉस एंजिल्स के सर्वोच्च मेयर पद को जीतकर एक और नया इतिहास रचने पर टिकी है।


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