विजय के सत्ता समीकरण में उलझन, कोर्ट के फैसले से बढ़ी टेंशन
नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में अपनी नई पारी शुरू करने वाले सुपरस्टार विजय के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले ही उनकी पार्टी 'तमिलगा वेट्री कजगम' (TVK) बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी और अब सरकार बनाने के बाद फ्लोर टेस्ट (बहुमत साबित करना) से ठीक पहले एक नया कानूनी पेंच फंस गया है। मद्रास हाई कोर्ट ने टीवीके के एक विधायक की शपथ पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
महज एक वोट से जीत और कोर्ट का दखल
यह पूरा मामला तिरुपत्तूर विधानसभा सीट का है, जहाँ टीवीके के उम्मीदवार आर. श्रीनिवासा सेतुपति ने बेहद रोमांचक मुकाबले में डीएमके के उम्मीदवार को मात्र एक वोट के अंतर से हराया था। सेतुपति को कुल 83,375 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 83,374 वोट प्राप्त हुए। इस मामूली अंतर को लेकर हारने वाले उम्मीदवार ने डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेट) की गिनती में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सेतुपति को विधायक पद की शपथ लेने से रोक दिया है।
फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित करने की चुनौती
विजय को मुख्यमंत्री पद की शपथ लिए अभी कुछ ही दिन हुए हैं और अब उन्हें बुधवार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना है। तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में सरकार चलाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। विजय की पार्टी के पास वर्तमान में 107 विधायक हैं, जिन्हें कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों का समर्थन हासिल है। सहयोगियों को मिलाकर विजय के पास कुल 121 विधायकों का समर्थन है। हालांकि सेतुपति के वोट न दे पाने से सरकार को सीधा खतरा तो नहीं दिख रहा, लेकिन एक विधायक का कम होना मनोवैज्ञानिक रूप से विजय की चिंता बढ़ा सकता है।
विजय के लिए राजनीतिक परीक्षा की घड़ी
चार बार राज्यपाल से मुलाकात और काफी जद्दोजहद के बाद विजय ने रविवार को पद की शपथ ली थी। अब श्रीनिवासा सेतुपति की शपथ पर रोक लगना उनकी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले इस तरह की कानूनी रुकावटें विपक्षी दलों को हमला करने का मौका देती हैं। अब सबकी निगाहें बुधवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट पर टिकी हैं, जहाँ यह साफ होगा कि विजय अपनी कुर्सी सुरक्षित रख पाते हैं या नहीं।


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