प. एशिया में संघर्ष से ऊर्जा स्टॉक और आपूर्ति पर चिंताजनक स्थिति
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच उर्जा सुरक्षा के मामले में भारत की स्थिति फिलहाल काफी मजबूत है। देश के पास उर्जा का मौजूदा भंडार पर्याप्त है और इसे हर दिन लगातार भरा भी जा रहा है। सरकार से जुड़े सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
'वैकल्पिक स्रोतों की तलाश भी कर रहा भारत'
सूत्रों ने कहा कि देश में एलपीजी या एलएनजी की कोई कमी नहीं है। दुनिया में कच्चे तेल की भी कमी नहीं है और भारत अन्य आपूर्तिकर्ता देशों के साथ भी लगातार संपर्क में है। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भी भारत को गैस बेचने की पेशकश की है। भारत वैकल्पिक स्रोतों की तलाश भी कर रहा है। हाल ही में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अमेरिका के साथ नए उर्जा समझौते भी किए हैं। उन्होंने बताया कि भारत करीब 195 एमएमएससीएमडी (प्रति दिन दस लाख मानक घन मीटर) गैस आयात करता है। इसमें से लगभग 60 एमएमएससीएमडी गैस कतर से आती है। भारत अब गैस खरीदने के लिए अन्य बाजारों की भी तलाश कर रहा है।
तेल उत्पादक देशों के साथ भी बातचीत कर रही सरकार
सरकार प्रमुख तेल उत्पादक देशों और व्यापारियों के साथ भी बातचीत कर रही है, ताकि कच्चा तेल और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। सूत्रों ने बताया कि भारत ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय उर्जा एजेंसी और ओपेक के साथ भी बातचीत कर रहा है। इसके अलावा, भारत जहाजों के बीमा को लेकर अमेरिका के साथ भी चर्चा कर रहा है। सरकार ऊर्जा स्थिति की दिन में दो बार समीक्षा कर रही है, ताकि आपूर्ति और सुरक्षा को लेकर कोई समस्या न आए।


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