तेहरान: ईरान के सिरिक, मिनाब और केशम के तटीय क्षेत्रों में बुधवार को लगातार कई भीषण विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। प्रांतीय प्रशासन के अनुसार इन आवाजों का मुख्य स्रोत समुद्र में पाया गया है। इसके साथ ही सऊदी अरब के किंग फहद एयर बेस और ताइफ शहर में भी कई जोरदार धमाके होने की सूचना है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के तुरंत बाद समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने और परमाणु क्षमता हासिल करने की मंशा से इस युद्ध को खींच रहा है।

कब और कैसे समाप्त होगा युद्ध? ट्रंप ने जताया भरोसा

टेक्सास के डलास में आयोजित एक कार्यक्रम के लिए रवाना होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि चुनाव संपन्न होते ही यह युद्ध खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान की स्थिति अब और लंबे समय तक टिकने की नहीं है। ट्रंप के अनुसार, ईरान वाशिंगटन में सत्ता परिवर्तन की उम्मीद लगाए बैठा है ताकि उसे परमाणु हथियार हासिल करने का अवसर मिल सके। उन्होंने चेताया कि यदि ईरान के पास परमाणु हथियार आते हैं, तो यह संपूर्ण वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन जाएगा।

राजनयिक वार्ता पर ट्रंप का रुख: जल्दबाजी में नहीं है वाशिंगटन

ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत या सैन्य अभियानों की बहाली के सवाल पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि वाशिंगटन फिलहाल जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएगा। उन्होंने कहा कि हालिया सैन्य कार्यवाहियों ने ईरानी शासन को बेहद कमजोर बना दिया है। भविष्य में होने वाला कोई भी अंतिम कूटनीतिक समझौता केवल पारंपरिक परमाणु समझौतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसमें व्यापक सुरक्षा मुद्दों को शामिल किया जाएगा।

हूतियों को ईरान का प्रॉक्सी बताने पर विदेश मंत्रालय का पलटवार

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें यमन के हूती (अंसारुल्लाह) समूह को तेहरान का प्रॉक्सी बताया गया था। बघाई ने स्पष्ट किया कि हूती एक पूरी तरह से स्वतंत्र गुट है जो अपने निर्णय स्वयं लेता है और किसी अन्य देश के आदेशों पर काम नहीं करता। उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों का झूठ जमीनी सच्चाई को नहीं बदल सकता।

मध्य पूर्व से अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप समाप्त करने की मांग

अमेरिकी विदेश नीति पर तीखा प्रहार करते हुए ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि मध्य पूर्व में जारी अस्थिरता की मुख्य वजह अमेरिकी सैन्य मौजूदगी और उसकी वर्चस्ववादी नीतियां हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि वाशिंगटन क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता स्थापित करना चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपने नुकसानदेह सैन्य हस्तक्षेप को पूरी तरह समाप्त करना होगा।