जालौन: उत्तर प्रदेश शासन ने जालौन जिले में पदस्थ जॉइंट मजिस्ट्रेट (न्यायिक) रिंकू सिंह राही के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रशासनिक अनुशासन, सेवा आचरण नियमावली के उल्लंघन तथा कार्यप्रणाली से जुड़ी गंभीर शिकायतों के आधार पर शासन ने उनसे 15 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने स्वयं इस आधिकारिक नोटिस को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा किया। यह कार्रवाई जालौन जिलाधिकारी (DM) द्वारा 5 अगस्त को शासन को प्रेषित की गई संदर्भ रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

नोटिस में उल्लिखित प्रमुख आरोप

नियुक्ति विभाग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में अधिकारी के आचरण से जुड़ी निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया गया है:

  • बिना अनुमति धरना एवं मीडिया वार्ता: आरोप है कि 27 जून 2026 को राही ने बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के कलेक्ट्रेट से फर्नीचर स्थानांतरित कर उरई तहसील परिसर में कक्ष आवंटन को लेकर धरना दिया और मीडिया को बुलाकर प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित किया।

  • सोशल मीडिया पर नीतियों की आलोचना: शासन ने टिप्पणी की है कि अधिकारी द्वारा बारंबार सोशल मीडिया मंचों पर शासकीय नीतियों, योजनाओं एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली की सार्वजनिक रूप से आलोचना की गई, जिससे सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास हुआ।

  • अधीनस्थों व अधिवक्ताओं से अनुचित व्यवहार: नोटिस में मातहत कर्मचारियों, स्थानीय अधिवक्ताओं और विभिन्न संगठनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों का संदर्भ दिया गया है, जिसमें उनके आचरण को पदीय मर्यादा के विपरीत और अपमानजनक करार दिया गया है।

उत्तर प्रदेश शासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।