नई दिल्ली। देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को पद छोड़ने के एक साल से अधिक समय बाद भी अब तक आधिकारिक सरकारी आवास आवंटित नहीं हो सका है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, धनखड़ फिलहाल राजधानी दिल्ली के छतरपुर स्थित इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के नेता अभय सिंह चौटाला के निजी फार्महाउस में निवास कर रहे हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि उन्हें अब तक कोई सरकारी बंगला नहीं मिला है, वहीं धनखड़ के कार्यालय ने भी आवास आवंटन संबंधी किसी प्रस्ताव को लेकर कोई टिप्पणी करने से परहेज किया है।

जुलाई 2025 में दिया था अचानक इस्तीफा

उल्लेखनीय है कि जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को अपने पद से अचानक इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे पत्र में उन्होंने खराब स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और डॉक्टरी सलाह मानने का हवाला दिया था।

हालांकि, उनका यह इस्तीफा उस समय आया था जब उन्होंने राज्यसभा में दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच समिति के गठन का प्रस्ताव स्वीकार किया था। विपक्षी दलों ने उस दौरान आरोप लगाया था कि पूर्व उपराष्ट्रपति पर दबाव बनाकर उनसे इस्तीफा लिया गया था।

नियमों के तहत आजीवन आवास पाने का अधिकार

उपराष्ट्रपति की पेंशन एवं सुविधाओं से जुड़े नियमों के अनुसार, सेवानिवृत्त होने के बाद पूर्व उपराष्ट्रपति को जीवनभर बिना किसी किराए के सुसज्जित सरकारी बंगला (टाइप-VIII) दिए जाने का स्पष्ट प्रावधान है। इस आवास में पानी और बिजली का शुल्क भी सरकार द्वारा वहन किया जाता है। यदि दिल्ली या किसी अन्य स्थान पर सरकारी आवास खाली न हो, तो सरकार 2,000 वर्ग फुट का मकान लीज पर लेकर उपलब्ध कराती है।

मंत्रालय को भेजा जाता है औपचारिक अनुरोध

नियमों के मुताबिक पूर्व उपराष्ट्रपति को आवास आवंटन के लिए आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) को औपचारिक अनुरोध भेजना होता है। हालांकि, मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, जगदीप धनखड़ की ओर से आवास आवंटन से जुड़ा कोई आधिकारिक आवेदन या अनुरोध प्राप्त होने की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।