भोपाल। मध्य प्रदेश के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को सितंबर माह के बिजली बिल में महंगाई का झटका लगने वाला है। यद्यपि बिजली कंपनियों ने मूल टैरिफ (बिजली दरों) में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन फ्यूल कॉस्ट सरचार्ज (FCA) में बढ़ोतरी किए जाने से बिजली के बिल बढ़कर आएंगे। 24 अगस्त से 23 सितंबर के बिलिंग चक्र के दौरान उपयोग की जाने वाली बिजली पर उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 80 पैसे तक का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

प्रति यूनिट 80 पैसे बढ़ा फ्यूल कॉस्ट सरचार्ज

बिजली कंपनियों द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, फ्यूल कॉस्ट सरचार्ज को 3.79 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 4.59 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है। इस प्रकार प्रति यूनिट 80 पैसे की सीधी वृद्धि दर्ज की गई है। इस संशोधन का प्रत्यक्ष प्रभाव प्रदेश के लाखों घरेलू उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर पड़ेगा।

उपभोक्ताओं पर पड़ेगा अतिरिक्त वित्तीय भार

इस वृद्धि का सीधा असर खपत के आधार पर बिल की कुल राशि पर दिखेगा:

  • 200 यूनिट खपत: लगभग 160 रुपये अतिरिक्त भुगतान।

  • 300 यूनिट खपत: लगभग 240 रुपये का अतिरिक्त बोझ।

  • 350 यूनिट खपत: ($350 \times 0.80$) कुल 280 रुपये अधिक देने होंगे।

  • 500 यूनिट खपत: मासिक बिल में करीब 400 रुपये तक की सीधी बढ़ोतरी होगी।

अधिक खपत वाले परिवारों पर ज्यादा असर, बचत का विकल्प

इस बदलाव का सबसे अधिक प्रभाव 300 यूनिट या उससे अधिक मासिक बिजली खर्च करने वाले मध्यम और उच्च उपभोग वाले परिवारों पर पड़ेगा। चूंकि सरचार्ज की गणना सीधे उपभोग की गई यूनिट्स पर निर्भर करती है, इसलिए बिजली के उपयोग में संयम बरतकर और गैर-जरूरी उपकरणों को बंद रखकर उपभोक्ता अपने अतिरिक्त वित्तीय भार को नियंत्रित कर सकते हैं।