रायपुर: जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने लगभग 11 वर्ष पुराने एक मामले में इंडिगो एयरलाइंस को सेवा में गंभीर लापरवाही और अनुचित व्यापार आचरण का दोषी पाया है। आयोग ने एयरलाइंस को पीड़ित यात्री को 1 लाख 82 हजार रुपये हर्जाने के रूप में अदा करने का आदेश जारी किया है। यह राशि 20 अगस्त 2026 से 45 दिनों के भीतर जमा कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

क्या था पूरा मामला?

समता कॉलोनी के निवासी आशुतोष जाखोदिया ने विवाह के उपरांत 5 दिसंबर 2015 को दिल्ली से रायपुर की उड़ान भरी थी। दिल्ली हवाई अड्डे पर इंडिगो के कर्मचारियों ने अत्यधिक भीड़ और समय की पाबंदी का हवाला देते हुए यात्री से उनके तीन बैग विमान में न ले जाने और अगले दिन रायपुर सुरक्षित पहुँचाने का भरोसा दिया था।

रायपुर पहुँचने पर जब यात्री को सामान नहीं मिला, तो उन्होंने कंपनी से संपर्क किया। पहले तो टालमटोल की गई, लेकिन 18 दिसंबर 2015 को एयरलाइंस ने बैग गुम होने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद 7 जनवरी 2016 को कंपनी ने अपनी 'कंडीशन ऑफ कैरिज' नियमावली का हवाला देकर मुआवजा देने से साफ मना कर दिया।

उपभोक्ता आयोग ने खारिज की एयरलाइंस की दलीलें

अध्यक्ष ढाकेश्वर प्रसाद शर्मा, सदस्य निरूपमा प्रधान और अनिल कुमार अग्निहोत्री की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए एयरलाइंस के तर्कों को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने टिप्पणी की कि यात्री ने स्वेच्छा से बैग नहीं छोड़े थे, बल्कि एयरलाइंस स्टाफ के अनुरोध पर ऐसा किया गया था। ऐसे में सामान की सुरक्षा की पूरी जवाबदेही एयरलाइंस की बनती है। आयोग ने स्पष्ट किया कि सेवा प्रदाता कंपनी अपनी शर्तों की आड़ लेकर जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।

मानसिक संताप और क्षतिपूर्ति का आदेश

यद्यपि पीड़ित ने सामान का कुल मूल्य 3.20 लाख रुपये बताया था, किंतु पर्याप्त बिल न होने के कारण आयोग ने प्रति बैग 50 हजार रुपये के हिसाब से 1.50 लाख रुपये का मुआवजा तय किया।

इसके अतिरिक्त, इस राशि पर 29 अप्रैल 2016 से भुगतान की तिथि तक 6 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज देय होगा। आयोग ने परिवादी को हुए मानसिक संताप के लिए 25 हजार रुपये और मुकदमे के खर्च के तौर पर 7 हजार रुपये अलग से देने का फैसला सुनाया है। इस प्रकार इंडिगो एयरलाइंस को ब्याज सहित कुल 1.82 लाख रुपये का भुगतान 45 दिनों के भीतर करना होगा। इस प्रकरण में परिवादी का पक्ष अधिवक्ता अनिकेत लहरी और अधिवक्ता अपूर्व गोयल ने रखा।