ट्रंप को फिर अदालत से झटका, जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने का आदेश रुका
वाशिंगटन। अमेरिका में जन्मजात नागरिकता (बर्थराइट सिटीजनशिप) के प्रावधानों को सीमित करने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। मैरीलैंड की एक संघीय अदालत की जज डेबोरा एल. बोर्डमैन ने ट्रंप प्रशासन के ताजा कार्यकारी आदेश के कार्यान्वयन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए प्रारंभिक निषेधाज्ञा (इनजंक्शन) जारी कर दी है। यह फैसला अप्रवासी परिवारों और नागरिक अधिकार संगठनों की ओर से दायर सामूहिक याचिका (क्लास-एक्शन मुकदमे) पर सुनवाई करते हुए आया है। जज बोर्डमैन ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि इस श्रेणी में आने वाले बच्चे जन्म से ही अमेरिका के वैध नागरिक हैं।
क्या है जन्मजात नागरिकता का प्रावधान?
मौजूदा अमेरिकी कानून के अनुसार, अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाले लगभग सभी बच्चों को स्वतः ही वहां की नागरिकता प्राप्त हो जाती है। इस ऐतिहासिक व्यवस्था की कानूनी नींव 1868 में लागू किए गए 14वें संविधान संशोधन से पड़ी थी। राष्ट्रपति ट्रंप काफी समय से इस कानून में बदलाव या इसे खत्म करने की पैरवी करते रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने गैर-कानूनी या अस्थायी रूप से रह रहे प्रवासियों के बच्चों को नागरिकता देने से रोकने वाला आदेश जारी किया था, जिसे पिछले वर्ष जून में सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया था।
ताजा आदेश के दायरे में कौन?
प्रशासन द्वारा अगस्त में जारी किए गए नए और सीमित दायरे वाले कार्यकारी आदेश में कुछ विशिष्ट स्थितियों में जन्मे बच्चों की नागरिकता पर रोक लगाने का प्रयास किया गया था। इसमें ऐसे बच्चों को शामिल किया गया था जिनके माता-पिता विदेशी दूतावासों या संगठनों से जुड़े हों अथवा जिन्हें अमेरिका का ‘विदेशी शत्रु’ माना जाए। इसके अलावा, आदेश में 'बर्थ टूरिज्म' (केवल बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के मकसद से अस्थाई वीजा पर यात्रा करना) पर सख्त कार्रवाई की बात भी कही गई थी।
प्रवासी परिवारों की मुख्य चिंताएं
अदालत में याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि इस आदेश के कारण कई परिवारों में भारी अनिश्चितता और डर का माहौल बन गया है। कुछ परिवारों को डर था कि केवल यात्रा के समय या गर्भधारण की परिस्थितियों के आधार पर उनके बच्चों को नागरिकता से वंचित किया जा सकता है। इसके साथ ही, प्रशासन द्वारा किसी व्यक्ति को 'विदेशी दुश्मन' घोषित करने के व्यापक और अस्पष्ट मानदंडों तथा दूर के रिश्तेदारों की पृष्ठभूमि के आधार पर निर्णय लिए जाने की आशंका जताई गई थी।
अदालत ने खारिज की प्रशासन की दलील
ट्रंप प्रशासन के वकीलों ने तर्क दिया था कि अभी यह मामला समय से पहले का है क्योंकि संघीय एजेंसियों ने इसके कार्यान्वयन के लिए विस्तृत आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं। हालांकि, जज बोर्डमैन ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने टिप्पणी की कि मार्गदर्शिका चाहे जो भी हो, यह कार्यकारी आदेश स्पष्ट रूप से एजेंसियों को बच्चों की एक बड़ी श्रेणी को नागरिकता से जुड़े दस्तावेज जारी करने से रोकता है, जो कानूनन सही नहीं है।


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