वैश्विक वित्तीय बाजारों में बढ़ते सरकारी कर्ज, राजकोषीय असंतुलन और केंद्रीय बैंकों पर मौद्रिक दबाव के बीच कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने ब्याज दरों में बड़े उतार-चढ़ाव (रोलर कोस्टर राइड) की गंभीर चेतावनी दी है। अमेरिका और जापान सहित प्रमुख विकसित देशों में सॉवरेन बॉन्ड यील्ड में लगातार हो रही बढ़ोतरी को उन्होंने विकासशील व उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी पलायन का बड़ा जोखिम बताया है।

उदय कोटक की चेतावनी और प्रमुख विकसित देशों के आंकड़े

उदय कोटक ने सोशल मीडिया के जरिए वैश्विक संप्रभु ऋण प्रतिफल (सॉवरेन बॉन्ड यील्ड) में आई तेजी पर चिंता व्यक्त की है:

  • जापान और अमेरिका: जापान के 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड 3% को पार कर 3.02% पर पहुंच गई है, जबकि अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड 4.81% पर कारोबार कर रही है।

  • यूरोपीय देश: यूनाइटेड किंगडम (UK) के 10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड 5.22%, फ्रांस की 4.21% और जर्मनी की 3.34% दर्ज की गई है।

  • चीन का रुख: इसके विपरीत एशियाई बाजारों में चीन का 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 1.69% के निचले स्तर पर स्थिर बना हुआ है।

यील्ड में उछाल का मुख्य कारण: अनियंत्रित कर्ज और मुद्रास्फीति

उदय कोटक के अनुसार, इस अस्थिरता की जड़ में कई सरकारों का बढ़ता बजट घाटा और अनियंत्रित सार्वजनिक ऋण है:

  • केंद्रीय बैंकों पर दबाव: बढ़ते कर्ज के कारण केंद्रीय बैंकों को अपनी बैलेंस शीट का विस्तार करना पड़ सकता है (यानी नई मुद्रा का प्रवाह बढ़ाना)।

  • महंगाई और दर वृद्धि: इस तरह के उपायों से वैश्विक बाजारों में मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ेगा, जिससे केंद्रीय बैंकों को अल्पकालिक ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ेंगी, परिणामस्वरूप बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

भारतीय बाजारों और विदेशी पूंजी प्रवाह पर संभावित प्रभाव

विकसित देशों में बॉन्ड यील्ड बढ़ने का सीधा नकारात्मक असर भारत जैसे उभरते बाजारों पर पड़ सकता है:

  • विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की निकासी: जब अमेरिका और जापान जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित बाजारों में बिना जोखिम के आकर्षक रिटर्न मिलने लगता है, तो विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से फंड निकालकर वहां स्थानांतरित करने लगते हैं।

  • घरेलू शेयर और ऋण बाजार पर असर: भारी फंड निकासी से घरेलू शेयर बाजार (इक्विटी) और डेट मार्केट दोनों पर दबाव बढ़ेगा।

  • भारत की बॉन्ड स्थिति: वर्तमान में भारत का 10-वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड प्रतिफल 6.96% पर कारोबार कर रहा है। वहीं 5-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड 6.59% और 30-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड 7.56% दर्ज की गई है।