नई दिल्ली। हांगझोऊ एशियाई खेलों के लिए भारतीय खिलाड़ियों की छटनी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और राष्ट्रीय खेल महासंघों के बीच कोच व सपोर्ट स्टाफ के चयन को लेकर विवाद शुरू हो गया है। साई ने 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाड के लिए 492 सदस्यीय भारतीय दल के साथ जाने वाले सपोर्ट स्टाफ के नामों पर सवाल उठाए हैं और 35 में से 18 खेल संघों से इस संबंध में जवाब-तलबी की है। खेल संघों से मिलने वाले जवाब के आधार पर ही सपोर्ट स्टाफ की अंतिम सूची को मंजूरी दी जाएगी।

कुश्ती महासंघ का विदेशी कोचों के बजाय भारतीय प्रशिक्षकों पर भरोसा

साई ने कुश्ती, महिला हॉकी, शूटिंग, कबड्डी, स्क्वैश, रोइंग और घुड़सवारी जैसे प्रमुख खेलों के संघों से कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है। कुश्ती महासंघ ने हाल ही में भारी-भरकम वेतन पर पुरुषों के फ्रीस्टाइल के लिए शाको बार्टोनिएट्ज, ग्रीको रोमन के लिए रूसी कोच गोगी कोगुआशविली और महिला पहलवानों के लिए जापानी कोच कोसेई अकाइशी को नियुक्त किया है। हालांकि, महासंघ ने एशियाड के लिए विदेशी प्रशिक्षकों के बजाय भारतीय कोचों पर ही भरोसा जताया है। इस पर साई ने जवाब मांगा है कि इन विदेशी कोचों को बतौर अतिरिक्त टीम ऑफिशियल क्यों नहीं भेजा जा रहा है। इसके जवाब में फेडरेशन का कहना है कि बड़े टूर्नामेंटों के दौरान मैट पर हमेशा भारतीय प्रशिक्षकों को ही प्राथमिकता दी जाती है।

घुड़सवारी और वेटलिफ्टिंग दल पर भी साई के तीखे सवाल

घुड़सवारी और वेटलिफ्टिंग के दलों को लेकर भी कई सवाल खड़े किए गए हैं। साई ने घुड़सवारी महासंघ से स्पष्टीकरण मांगा है कि 8 सदस्यीय दल के साथ घोड़ों की देखभाल करने वाले ग्रूम (Groom) के नाम क्यों नहीं भेजे गए, जबकि पिछले एशियाड में 10 घुड़सवारों के साथ 11 ग्रूम भेजे गए थे। इसके अलावा, पांच सदस्यीय वेटलिफ्टिंग टीम के साथ डॉक्टर को भेजने के औचित्य पर भी सवाल उठाया गया है। सेलिंग स्पर्धा में क्वालिफाइड कोच को शामिल न किए जाने को लेकर भी महासंघ से जवाब तलब किया गया है।