अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद को लेकर बुलाई गई संत समाज की बैठक के दौरान उस समय गहमागहमी बढ़ गई, जब वहां पुलिस और खुफिया विभाग के जवान पहुंच गए। संतों ने आरोप लगाया कि उन्हें इस विषय पर चर्चा करने से रोका जा रहा है। इसके अलावा, बैठक स्थल से मीडियाकर्मियों को बाहर किए जाने को लेकर भी तीखी तनातनी देखने को मिली, जिससे संत वर्ग में खासी नाराजगी फैल गई।

उच्चस्तरीय जांच और सीबीआई जांच की मांग

कंप्यूटर बाबा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संतों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और सीबीआई जांच कराए जाने की जोरदार मांग उठाई। संतों का आरोप था कि अब तक की गई जांच में केवल छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई की गई है, जबकि बड़े नाम बचा लिए गए हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की किसी स्वतंत्र माध्यम से पुष्टि नहीं हो सकी है।

एक लाख संतों के साथ बड़े आंदोलन का ऐलान

बैठक के समापन के बाद कंप्यूटर बाबा ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो संत समाज बड़ा कदम उठाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि जरूरत पड़ने पर एक लाख संतों के साथ अयोध्या पहुंचकर व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

पुलिस और खुफिया तंत्र की मौजूदगी पर असंतोष

संतों ने बैठक में पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) की मौजूदगी पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि धार्मिक और सामाजिक विषयों पर चर्चा कर रहे संतों के बीच इस प्रकार सुरक्षा बलों का दखल देना उचित नहीं है। उन्होंने एक बार फिर अपनी बात दोहराते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और वास्तविक दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।