विदिशा| मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के पलोह बेतवा डेम को पार करके अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने वाले नन्हें बच्चों का गंभीर मामला अब देश की न्यायपालिका यानी उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) तक पहुंच गया था। सोशल मीडिया पर बच्चों की जोखिम भरी आवाजाही का वीडियो वायरल होने के बाद हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले का स्वतः संज्ञान लिया। माननीय न्यायालय के निर्देश पर न्यायाधीशों का एक विशेष दल मंगलवार को सीधे पलोह बेतवा डेम स्थल पर पहुंचा और मौके का बारीकी से निरीक्षण कर प्रशासनिक अधिकारियों से पूरी जानकारी प्राप्त की।

न्यायाधीशों के दल ने किया स्थलीय निरीक्षण, सुरक्षा के कड़े निर्देश

निरीक्षण के दौरान न्यायाधीशों के दल ने डेम की वर्तमान स्थिति, स्कूली बच्चों के आवागमन के रास्तों और सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को हर हाल में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा उनकी आवाजाही के लिए पुख्ता और सुरक्षित व्यवस्थाएं तुरंत सुनिश्चित की जाएं।

हाईकोर्ट की पहल से विद्यार्थियों और अभिभावकों को मिली बड़ी राहत

उच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक हस्तक्षेप के बाद क्षेत्र के विद्यार्थियों और उनके परिजनों को बहुत बड़ी राहत मिली है। ककरूआ, इमलिया और किरमची बंधेरा गांव के बच्चों की शैक्षणिक सुविधाओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय शासकीय माध्यमिक शाला किरमची बंधेरा को उच्चीकृत कर हाई स्कूल में बदल दिया गया है। इसके साथ ही इस नए स्कूल में अध्यापन कार्य के लिए दो नए शिक्षकों की पदस्थापना भी कर दी गई है।

नए हाई स्कूल में नियमित पढ़ाई शुरू, बच्चों की लंबी दूरी की मजबूरी खत्म

बुधवार से इस नए हाई स्कूल में नियमित कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया है। इस व्यवस्था के बाद अब छात्र-छात्राओं को रोजाना लगभग 15 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करने और अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते बेतवा डेम को पार करके स्कूल जाने की विवशता से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है।

स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने माननीय हाईकोर्ट के इस संवेदनशील निर्णय तथा प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे बच्चों की सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मील का पत्थर बताया है। इस त्वरित प्रशासनिक और न्यायिक कदम से क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों को अब उनके अपने ही इलाके में सुरक्षित और सुलभ शिक्षा का मार्ग मिल गया है।