कांकेर| छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के मलेरिया से प्रभावित और दूरदराज के अंचलों का जमीनी जायजा लेने के लिए जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने एक साहसिक कदम उठाया। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने उफनती हुई कोटरी नदी को मोटर बोट के जरिए खतरनाक परिस्थितियों में पार किया और अति-संवेदनशील माने जाने वाले गांवों— कंदाड़ी तथा सितरम का औचक दौरा किया।

कोटरी नदी पार कर मलेरिया प्रभावित गांवों में पहुंचे अधिकारी

इस विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं, मलेरिया की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों और चिकित्सा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इसी दौरे के दौरान एक गंभीर रूप से बीमार बच्चे की नाज़ुक हालत पर कलेक्टर की नजर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने बिना किसी देरी के तत्काल मोटर बोट के माध्यम से बीमार बच्चे को सुरक्षित अस्पताल भिजवाया, जिससे समय पर उचित चिकित्सीय उपचार मिलने से उसकी जान बचाई जा सकी।

ग्रामीणों से संवाद और आवागमन के पुख्ता निर्देश

दौरे के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों से आमने-सामने बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं, राशन और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानी। अधिकारियों ने प्रशासनिक अमले को कड़े निर्देश दिए कि इस मानसूनी बारिश और बाढ़ के मौसम में किसी भी ग्रामीण को आवागमन या इलाज के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त मोटर बोट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।