दतिया: दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली शिकस्त के बाद मध्य प्रदेश भाजपा में भीतरघात और गुटबाजी को लेकर घमासान तेज हो गया है। एक तरफ प्रदेश संगठन हार के कारणों की समीक्षा में जुटा है, तो दूसरी तरफ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी ने संगठन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस बीच भाजपा ने कड़ा कदम उठाते हुए दतिया की पूरी जिलाध्यक्षीय टीम और विभिन्न प्रकल्पों व विभागों की इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।

यशोधरा राजे सिंधिया की पोस्ट पर बवाल

भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हार को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि "यह आत्ममंथन का समय है।" उनके इस बयान के बाद पार्टी में हड़कंप मच गया और नेताओं द्वारा इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट केंद्रीय हाईकमान तक भेज दिया गया है। इसके अलावा टीकमगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष उमिता राहुल सिंह ने भी फेसबुक पर तंज कसते हुए लिखा कि जब कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर अधिकारी अपनी पहुंच का ढिंढोरा पीटने लगें, तो परिणाम विपरीत ही आते हैं।

समीक्षा समिति गठित, भितरघातियों की तलाश शुरू

पार्टी नेतृत्व ने हार की जांच के लिए प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा के नेतृत्व में एक विशेष समीक्षा समिति का गठन किया है। समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दतिया संगठन पर गाज गिराई गई है। सत्ता और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी अब चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे भितरघातियों को चिह्नित करने में जुटे हैं।

आजाद समाज पार्टी का जीतू पटवारी पर तंज

उधर, उपचुनाव में 22 हजार से अधिक वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर हमला बोला। यादव ने कहा कि पटवारी नरोत्तम मिश्रा के आशीर्वाद से मिली कांग्रेस की जीत पर फिजूल में अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।