दतिया| मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण दतिया विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को लगातार दूसरी बार चुनावी हार का मुंह देखना पड़ा है। इस शिकस्त के बाद से ही पार्टी के भीतर कई वरिष्ठ नेताओं और पुराने कार्यकर्ताओं ने खुलकर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। इस असंतोष में पार्टी के पूर्व मंत्रियों से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। मध्य प्रदेश सरकार की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने दतिया में मिली हार के ठीक बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने 'आत्ममंथन का समय' लिखकर पार्टी को स्पष्ट चेतावनी दी है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

यशोधरा राजे और अन्य नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं

पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया इससे पहले भी कई बार अपनी बेबाक राय रखती रही हैं। दतिया के चुनावी नतीजों के बाद उन्होंने सीधे तौर पर मध्य प्रदेश संगठन को चेताया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों को चुनावी रणनीति पर नए सिरे से विचार करने और मंथन करने का सुझाव दिया है। दतिया के इन अप्रत्याशित परिणामों से न केवल कैडर बेस से जुड़े पुराने कार्यकर्ता खासे नाराज हैं, बल्कि राजनीतिक हल्कों में यह भी चर्चा है कि पार्टी का केंद्रीय आलाकमान भी इस हार से बेहद खफा है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मौजूदा कार्यकाल में यह दूसरा उपचुनाव है, जिसमें पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। इस वजह से मुख्यमंत्री के प्रशासनिक और राजनीतिक प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

पूर्व सीएम की बहू और इमरती देवी के निशाने पर संगठन

दतिया चुनाव के परिणामों के तुरंत बाद मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की बहू और पूर्व मंत्री राहुल सिंह लोधी की पत्नी उपमिता सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट भी सामने आई। उन्होंने अपने संदेश में तीखा तंज कसते हुए लिखा, “जब कार्यकर्ता की जगह अधिकारी यह बोलने लगें कि हमारी पहुंच ऊपर तक है, तब-तब चुनावी परिणाम विपरीत ही आएंगे।”

इसके अलावा, पूर्व मंत्री इमरती देवी ने भी दतिया उपचुनाव की हार पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हालांकि सभी बड़े नेताओं ने भरपूर सहयोग किया और चुनाव प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन पार्टी के ही कुछ 'अपनों' के भीतरघात के कारण बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा।

भीतरघात और अनुशासनहीनता पर प्रदेश अध्यक्ष की चेतावनी

दतिया उपचुनाव के परिणामों के बाद से यह बात लगातार सामने आ रही है कि बीजेपी अपने ही लोगों की वजह से चुनाव हारी है। पार्टी के भीतर यह चर्चा आम है कि कुछ नेताओं की कार्यशैली से पार्टी को लाभ मिलने के बजाय सीधे तौर पर विपक्ष को फायदा पहुँचा। यहाँ तक कि बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन कांग्रेस खुद इस बात का दावा कर रही है कि बीजेपी के भीतर से किन लोगों ने उनकी मदद की है।

इन तमाम विवादों और बयानों के बीच, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने चुनाव परिणामों को स्वीकार करते हुए सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि पार्टी और संगठन केवल और केवल अनुशासन के बल पर ही चलते हैं। जिन लोगों ने भी अनुशासनहीनता की है या पार्टी के खिलाफ काम किया है, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में प्रदेश अध्यक्ष ऐसे बागी नेताओं पर क्या और कब एक्शन लेते हैं।