बारिश के लिए रहें तैयार! छत्तीसगढ़ में बादलों का डेरा, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
रायपुर| छत्तीसगढ़ राज्य में इन दिनों मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, आज प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिनभर बादलों का डेरा रहेगा और कई इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ चुनिंदा स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज मूसलाधार बारिश होने की भी पूरी संभावना जताई गई है।
आने वाले 5 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले पाँच दिनों तक राज्य के अधिकतर जिलों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने का सिलसिला जारी रहेगा। वहीं, एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की चेतावनी भी दी गई है। मौसम का यह मिजाज आगामी 3 अगस्त से लेकर 7 अगस्त तक लगातार बने रहने के आसार हैं। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में इस सीजन में अब तक सबसे अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है और आने वाले दिनों में भी इस क्षेत्र में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।
किन इलाकों में दर्ज की गई है सबसे ज्यादा बारिश?
इस मानसून सीजन के दौरान अब तक बिलासपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सबसे अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यहाँ अब तक कुल 769.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी है, जो कि सामान्य औसत से लगभग 76 प्रतिशत अधिक है। पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में फिलहाल इसी जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
एक-तिहाई जिले अभी भी सामान्य बारिश से पीछे
राज्य के कुल 33 जिलों के वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति इस प्रकार है:
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राज्य के 1 जिले में सामान्य से 60 प्रतिशत से भी अधिक अतिरिक्त (Excess) बारिश दर्ज की गई है।
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5 जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत तक अधिक वर्षा हुई है।
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16 जिलों में इस बार बारिश का स्तर पूरी तरह सामान्य बना हुआ है।
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वहीं, 11 जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। राहत की बात यह है कि फिलहाल प्रदेश के किसी भी जिले में सामान्य से 60 प्रतिशत या उससे अधिक की भारी कमी (Deficit) देखने को नहीं मिली है।
सक्रिय हैं दो शक्तिशाली मौसमी सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका (Monsoon Trough) जैसलमेर, दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उसके आसपास बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) से होते हुए बांदा, डेहरी और मालदा से गुजरते हुए पूर्व की ओर मणिपुर तक फैली हुई है। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्व बिहार तक एक अन्य ट्रफ लाइन भी पूरी तरह सक्रिय है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण ही छत्तीसगढ़ राज्य में लगातार बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।


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