बस्तर: किसी समय लाल आतंक और नक्सली चुनौतियों के लिए पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग अब तरक्की और बुनियादी विकास की नई दिशा में कदम बढ़ा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के अंदरूनी और दुर्गम वनांचलों को पक्की सड़कों के नेटवर्क से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इस दौरान प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी केंद्रीय नेतृत्व को बस्तर सहित राज्य भर में जारी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।

'अरुणाचल मॉडल' की तर्ज पर कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए 'अरुणाचल प्रदेश मॉडल' की तर्ज पर 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' (PMGSY-IV) के नियमों में शिथिलता देने की मांग रखी है। इसके तहत पूर्व के 500 मीटर के मानक को संशोधित कर 10 किलोमीटर के परिधि में आने वाली आबादी को एक 'क्लस्टर' मानकर सड़कों का निर्माण करने की योजना है।

सकारात्मक फैसले का मिला आश्वासन

यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो वर्षों से दूरस्थ और कटे हुए सैकड़ों गांव सीधे मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। उच्चस्तरीय बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने इस विषय पर शीघ्र और सकारात्मक कदम उठाने का पूर्ण भरोसा दिया है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और आवागमन दोनों को नई मजबूती मिलेगी।