मंदिर के सामने DJ बजाने से तनाव, नेपाल में कैसे बढ़ा सांप्रदायिक विवाद?
विराटनगर (नेपाल): नेपाल के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से सांप्रदायिक हिंसा के चलते हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। नेपाल के सुनसरी जिले से शुरू हुआ यह विवाद देखते-देखते पड़ोसी जिलों तक फैल गया है, जिससे भारतीय सीमा से सटे नेपाली क्षेत्रों में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो गई है। इस घटना ने दोनों देशों की झिझक और चिंता को बढ़ा दिया है।
मामूली विवाद से भड़की सांप्रदायिक हिंसा की आग
नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज अंतर्गत कप्तानगंज क्षेत्र में इस तनाव की शुरुआत एक स्थानीय और मामूली विवाद से हुई थी। 26 जुलाई को कुछ लोगों द्वारा बिजली के खंभे पर लगे एक समुदाय विशेष के झंडे को हटाकर दूसरा झंडा लगाने से माहौल गरमा गया था। इसके बाद रात के वक्त एक मंदिर के बाहर डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों में तीखी बहस हुई, जो जल्द ही पथराव में तब्दील हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा की गई गोलीबारी में एक 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जिसके बाद हिंसा ने विकराल रूप ले लिया और पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया।
कई जिलों में फैली अशांति और अनिश्चितकालीन कर्फ्यू
सुनसरी जिले से उठी इस हिंसा की चिंगारी पड़ोसी मधेस प्रांत के सिरहा और धनुषा जिलों तक पहुंच गई। सिरहा के गोलबाजार में उपद्रवियों ने एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को आग के हवाले कर दिया, जिसके बाद वहां अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाना पड़ा। इसी तरह धनुषा के जनकपुर और आसपास के प्रमुख इलाकों में भी हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। इन झड़पों और पुलिस कार्रवाई के दौरान अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है और सुरक्षाकर्मियों तथा स्थानीय नागरिकों समेत दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं।
धार्मिक जनसांख्यिकी और राजनीतिक ध्रुवीकरण पर सवाल
विशेषज्ञों के अनुसार, नेपाल के तराई क्षेत्र में बदलती धार्मिक जनसांख्यिकी और मिश्रित आबादी इस तरह के तनाव की एक बड़ी वजह बन रही है, जहां छोटे-छोटे विवाद राजनीतिक और सांप्रदायिक रंग ले लेते हैं। इस घटना को लेकर नेपाली संसद में भी जबरदस्त राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। विपक्षी दलों ने सरकार और गृह प्रशासन की नाकामी पर गंभीर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि राजनीतिक स्वार्थों के चलते इस तरह के विभाजन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह ने भी स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है।
भारतीय सीमा पर बढ़ा सुरक्षा पहरा और व्यापार प्रभावित
चूंकि नेपाल का यह अशांत क्षेत्र भारत के बिहार राज्य की सीमा से बिल्कुल सटा हुआ है, इसलिए इस तनाव का सीधा असर सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ रहा है। सुनसरी और आसपास के तराई जिले भारत के साथ महत्वपूर्ण व्यापारिक गलियारे हैं, जो हिंसा और कर्फ्यू के कारण बाधित हुए हैं। सीमा के दोनों ओर पारिवारिक और वैवाहिक संबंध रखने वाले स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर नेपाल प्रशासन ने भारतीय सीमा पर गश्त बढ़ाने, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी रखने के कड़े निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ या असामाजिक गतिविधियों को रोका जा सके।


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