चीन में लैंडस्लाइड से मची तबाही, कई घर मलबे में समाए, राहत-बचाव अभियान तेज
चोंगकिंग। चीन के दक्षिण-पश्चिमी शहर चोंगकिंग में शुक्रवार को आए भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। पेंगशुई काउंटी में पहाड़ी से अचानक गिरी चट्टानों और मिट्टी के मलबे ने 10 से अधिक रिहायशी इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 34 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 1100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है, जबकि बचाव दल मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश में युद्धस्तर पर जुटे हैं।
युद्धस्तर पर जारी है बचाव अभियान
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भूस्खलन के कारण 5 से 15 मंजिला तक की इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। घटनास्थल पर 800 से अधिक राहतकर्मी तैनात किए गए हैं, जो मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने का कार्य कर रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के एक किलोमीटर के दायरे में बिजली, पानी और गैस की आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी है ताकि कोई अन्य अनहोनी न हो। अब तक 18 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें से दो की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
राहत सामग्री और प्रशासनिक तत्परता
प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सरकार ने तत्काल प्रभाव से सहायता का जाल बिछाया है। क्षेत्र में राहत सामग्री के रूप में 8000 से अधिक टेंट, फोल्डिंग बेड और आपातकालीन किट भेजी गई हैं ताकि बेघर हुए लोगों को अस्थायी आश्रय मिल सके। भूस्खलन की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मलबे के नीचे कई बिजली के खंभे और बुनियादी ढांचा पूरी तरह दब गया है। स्थानीय अधिकारियों द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावितों को भोजन तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उच्चस्तरीय जांच के आदेश
चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने इस आपदा को गंभीरता से लेते हुए घटना की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस बात की पड़ताल करें कि भूस्खलन के लिए जिम्मेदार भौगोलिक कारकों के अलावा क्या कोई मानवीय चूक भी थी। बचाव कार्यों के साथ-साथ अब सरकार का ध्यान भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने पर है। फिलहाल, पूरी प्रशासनिक मशीनरी लापता लोगों की खोजबीन और प्रभावितों के पुनर्वास के कार्य में जुटी हुई है।


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