सचिन अहीर का सियासी कद बढ़ा, निर्विरोध जीते उप-सभापति का चुनाव
मुंबई। महाराष्ट्र की सियासत से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पूर्व यूबीटी नेता सचिन अहीर को राज्य विधान परिषद (लेजिस्लेटिव काउंसिल) का नया उप-सभापति चुन लिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि उनका यह निर्वाचन पूरी तरह निर्विरोध संपन्न हुआ है। यह कामयाबी उन्हें शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल होने के तुरंत बाद हासिल हुई है।
विपक्षी उम्मीदवार के नाम वापसी से साफ हुआ रास्ता
सचिन अहीर के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता उस वक्त साफ हुआ, जब महाविकास अघाड़ी (MVA) के आधिकारिक प्रत्याशी जेएम अभ्यंकर ने अचानक इस पद की रेस से अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। सदन में संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने विपक्षी गठबंधन से अपना पर्चा वापस लेने की खास अपील की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। हालांकि, विपक्षी खेमे के उम्मीदवार ने ऐन वक्त पर चुनाव से कदम पीछे क्यों खींचे, इसकी असली वजह अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
शिंदे गुट में शामिल होते ही मिला बड़ा इनाम
राजनैतिक हलकों में इस घटनाक्रम को बेहद अहम माना जा रहा है। सचिन अहीर ने महज एक दिन पहले ही उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) का साथ छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े का दामन थामा था। पार्टी बदलते ही उन्हें उप-सभापति जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारी मिलना, राज्य की महायुति सरकार में उनकी मजबूत होती पकड़ को दर्शाता है। इस फैसले के बाद महाराष्ट्र के सियासी समीकरण एक बार फिर बदलते नजर आ रहे हैं।


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