दर्दनाक घटना: स्कूल की चहारदीवारी ढहने से पहली कक्षा के छात्र की मौत, इलाके में शोक
मिर्जापुर। संतनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पटेहरा कला के बहरछठ मौजा में स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। स्कूल की चहारदिवारी (बाउंड्री वॉल) अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से पहली कक्षा के एक छात्र की जान चली गई। मृतक छात्र की बड़ी बहन कंचन, जो उसी स्कूल में पढ़ती है, उसने बताया कि वह शौचालय गई थी और उसका 6 वर्षीय छोटा भाई महेश भी उसके साथ था। महेश वहां दीवार के पास खेलने लगा, तभी जर्जर दीवार भरभराकर ढह गई और वह उसके मलबे में दब गया। इस हादसे में मासूम के सीने और पैर में गंभीर चोटें आईं।
इलाज के दौरान तोड़ा दम, इकलौते चिराग की मौत से परिवार में कोहराम
घटना के तुरंत बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक घायल बच्चे को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पटेहरा पहुंचे। वहां मौजूद डॉ. महेंद्र चौधरी ने प्राथमिक उपचार करने के बाद बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे मंडलीय अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। प्रधानाध्यापक परिजनों के साथ बच्चे को लेकर मंडलीय अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इलाज के बाद एक्सरे और अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी।
शुरुआती उपचार के बाद हालत में कुछ सुधार देख परिजन बच्चे को लेकर घर लौट रहे थे, लेकिन बरकछा के समीप उसकी तबीयत अचानक फिर से बिगड़ने लगी। परिजन उसे दोबारा तुरंत मंडलीय अस्पताल लेकर भागे, जहां उपचार के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे के पैर में फ्रैक्चर था और सीने में अंदरूनी चोट आई थी। मृतक तीन बहनों का अकेला भाई था। इस हादसे के बाद मां गुंजा, दादी जड़ावती और पिता सोनू सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने कहा कि लिखित शिकायत मिलते ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामले को रफा-दफा करने की कोशिश का आरोप
स्थानीय स्तर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर आरोप लग रहे हैं कि वे पीड़ित परिवार को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराने और आपसी समझौते के जरिए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने की कोशिश में जुटे रहे। यह भी आरोप है कि शिक्षक के कहने पर ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की इमरजेंसी डायरी में घायल बच्चे का नाम दर्ज नहीं किया गया। अस्पताल के फार्मासिस्ट बीरेंद्र ने पुष्टि की कि बच्चे का इलाज कर उसे रेफर किया गया था, लेकिन रिकॉर्ड में उसका नाम-पता दर्ज नहीं हो सका।
जर्जर दीवार समय रहते न हटाना बना हादसे का कारण
पटेहरा के स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्कूल परिसर के चारों तरफ बनी चहारदिवारी लंबे समय से बेहद जर्जर स्थिति में थी। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि समय रहते प्रशासन या स्कूल प्रबंधन ने इस खस्ताहाल दीवार की मरम्मत कराई होती या इसे सुरक्षित रूप से गिरवा दिया होता, तो आज इस मासूम की जान बच सकती थी। स्कूल प्रशासन की इस घोर लापरवाही के कारण एक परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया।


बिजली चोरी करने वालों पर कसा शिकंजा, जबलपुर में तीन आरोपी गिरफ्तार
रेलवे कुश्ती दंगल का खिताब उत्तर रेलवे के नाम, शानदार प्रदर्शन से जीती चैंपियनशिप
MP में सेवा संकल्प अभियान का बड़ा प्लान तैयार, अधिकारियों को जिलावार जिम्मेदारियां सौंपी गईं
‘हनुमान अंश’ की विदेशों में भी धूम, नॉर्थ अमेरिका में रिलीज से पहले ही करीब 1 करोड़ की कमाई
खुदरा खरीद से सोने की कीमतों में तेजी, तीन दिन की गिरावट का सिलसिला टूटा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को लेकर रखी सरकार की सोच, समृद्धि पर दिया जोर
बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 11 सितंबर से लगातार तीन दिन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी प्रभावित
नाबालिग लड़की के उत्पीड़न पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
सेबी प्रमुख का बड़ा बयान, एआई से बदल सकती है शेयर बाजारों के कामकाज की तस्वीर