तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा, मौसम विभाग ने लोगों को किया सतर्क
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है। बीते कई दिनों से थमे मानसूनी चक्रवात को लेकर चल रहा इंतजार अब समाप्त होने वाला है। लगभग दो सप्ताह की लंबी सुस्ती और कड़े ठहराव के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के मध्य हिस्सों में एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय (एक्टिव) हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले 14 दिनों से महाराष्ट्र के सोलापुर अंचल के समीप अटका हुआ मानसून अब तेजी से आगे की ओर बढ़ने लगा है।
मुंबई की झमाझम के बाद अब छत्तीसगढ़ की बारी
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद अब मानसूनी हवाओं का रुख मध्य और पूर्वी भारत की ओर मुड़ गया है। इस मौसमी बदलाव का सीधा असर छत्तीसगढ़ समेत मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार के मौसम पर देखने को मिलेगा। मौसम केंद्र के नवीनतम पूर्वानुमानों के अनुसार, 23 जून के आस-पास मानसून के छत्तीसगढ़ के मध्य और उत्तरी हिस्सों में पूरी तरह आगे बढ़ने के लिए भौगोलिक परिस्थितियां बेहद अनुकूल और मजबूत हो चुकी हैं।
तेज अंधड़ और वज्रपात को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, रविवार 22 जून को प्रदेश के अधिकांश संभागों और जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही विभाग ने तात्कालिक अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को सचेत किया है कि:
-
वज्रपात की आशंका: बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में तीव्र गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) का खतरा बना रहेगा।
-
अंधड़ की रफ्तार: मानसूनी सिस्टम के आगे बढ़ने के कारण 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और धूलभरी हवाएं चल सकती हैं।
-
वर्षा में बढ़ोतरी: मौसमविदों का अनुमान है कि 21 से 26 जून के बीच की समयावधि में पूरे प्रदेश के भीतर मानसूनी वर्षा की गतिविधियों में व्यापक तेजी आएगी।
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा बादलों का बड़ा घेरा, अगले 5 दिन महत्वपूर्ण
आगामी दिनों के मौसमी मिजाज को स्पष्ट करते हुए मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि अगले पांच दिनों तक छत्तीसगढ़ के आसमान में घने मानसूनी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इस दौरान व्यापक स्तर पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और अंधड़ चलने की स्थितियां निर्मित होती रहेंगी।
अंतरिक्ष से प्राप्त अत्याधुनिक सैटेलाइट तस्वीरों और रडार डेटा के विश्लेषण से साफ पता चल रहा है कि राज्य के ऊपर बादलों का घनत्व और दायरा लगातार बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा (बॉर्डर) पर रुका हुआ मानसून का एक अन्य सिरा भी 23 जून के आसपास पूरी तरह गतिशील हो जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और कृषि कार्यों में तेजी आएगी।


संसद में NEET विवाद पर बढ़ा सियासी टकराव, राहुल गांधी की बैठक से क्या निकलेगा हल?
CJP प्रोटेस्ट विवाद: सरकार ने कहा- संवाद के रास्ते खुले, 4 बार भेजा बातचीत का न्योता
हापुड़ में 6 साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म प्रयास, पुलिस ने दर्ज किया केस
शिक्षा पर कितना निवेश, कितना बदलाव? मोदी सरकार के 12 साल का डेटा आया सामने
झाबुआ रेल विवाद: 6 घंटे इंतजार के बाद यात्रियों ने रोका ट्रैक, बोले- लोकल को दी जा रही प्राथमिकता
'युवा सीधे संवाद चाहते हैं', विक्रमादित्य सिंह ने PM मोदी को दिया सुझाव
₹35 हजार का जुर्माना और 1000 लोगों को भोज, छत्तीसगढ़ से सामने आया चौंकाने वाला मामला
आलिया भट्ट, माधवन समेत कई सेलेब्स आए छात्रों के समर्थन में, सोशल मीडिया पर रखी राय