वायुसेना की मुस्तैदी: लद्दाख के मुश्किल इलाके से पांच गंभीर मरीज चंडीगढ़ पहुंचे
लेह/चंडीगढ़: भारतीय वायुसेना ने लद्दाख के बेहद दुर्गम और कठिन पहाड़ी इलाके में एक बड़े मेडिकल इमरजेंसी अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस साहसिक ऑपरेशन के दौरान वायुसेना ने पांच गंभीर रूप से बीमार मरीजों को सुरक्षित एयरलिफ्ट करके चंडीगढ़ पहुंचाया। राहत की बात यह है कि बचाए गए लोगों में भारतीय सेना के तीन जवान भी शामिल हैं। लद्दाख की बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और खराब मौसम के बीच वायुसेना के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी लोगों की जान बचाई।
सी-17 और एएन-32 विमानों से पूरा हुआ मिशन
वायुसेना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, लद्दाख से सुरक्षित निकाले गए इन पांच मरीजों में सेना के तीन जवानों के अलावा उनका एक पारिवारिक सदस्य और लद्दाख का एक स्थानीय नागरिक शामिल था। इन सभी की हालत काफी नाजुक बनी हुई थी और इन्हें तुरंत बड़े अस्पताल में इलाज की जरूरत थी। इस बेहद संवेदनशील मिशन को पूरा करने के लिए वायुसेना ने अपने आधुनिक सी-17 और एएन-32 परिवहन विमानों को काम पर लगाया। आसमान छूती चोटियों, बेहद सीमित संसाधनों और लगातार बदलते मौसम की चुनौतियों को मात देते हुए जांबाज पायलटों और चालक दल ने मरीजों को बिल्कुल सही समय पर चंडीगढ़ पहुंचा दिया।
इस साल अब तक 143 लोगों की बची जान
साल 2026 में लद्दाख सेक्टर के बर्फीले और ऊंचे इलाकों से मरीजों को सुरक्षित निकालने (कैजुअल्टी इवैक्यूएशन) के मामलों में वायुसेना का रिकॉर्ड शानदार रहा है। इस साल अब तक वायुसेना के अभियानों के जरिए 143 लोगों की कीमती जान बचाई जा चुकी है। यह आंकड़े साफ करते हैं कि देश की सीमाएं सुरक्षित रखने के साथ-साथ आपदा के समय आम लोगों और जवानों की मदद के लिए हमारी वायुसेना चौबीसों घंटे कितनी तत्पर रहती है। वायुसेना ने इस कामयाबी पर गर्व जताते हुए कहा कि उनके लिए हर एक नागरिक का जीवन अनमोल है और किसी भी आपातकालीन स्थिति में मदद की पुकार का जवाब देना उनका सबसे पहला कर्तव्य है।
अंधेरे में कोरियाई नागरिकों का भी हुआ था रेस्क्यू
लद्दाख के इन खतरनाक इलाकों में सेना का यह कोई पहला बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं है। कुछ महीने पहले भी लद्दाख की बर्फ से ढकी खतरनाक चोटियों पर 17,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर दो विदेशी नागरिक फंस गए थे। ये दोनों दक्षिण कोरिया के रहने वाले थे और भारी बर्फबारी के बीच जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे। जानकारी मिलते ही भारतीय सेना की 'फायर एंड फ्यूरी कोर' की आर्मी एविएशन यूनिट ने बिना वक्त गंवाए रात के अंधेरे में एक बेहद साहसिक और खतरनाक ऑपरेशन चलाया था। कड़ी मशक्कत और सूझबूझ के बाद सेना ने उन दोनों विदेशी नागरिकों को भी मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।


CJP प्रदर्शन विवाद में नया मोड़, दिल्ली पुलिस ने फेक न्यूज के पीछे पाकिस्तानी अकाउंट्स का किया जिक्र
11 यूरोपीय पर्यटकों के साथ नाव लापता, इंडोनेशिया में युद्धस्तर पर तलाश अभियान
राहुल गांधी का सरकार पर दबाव, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत रखी तीन मांगें
शराबी ने पुलिस की बोलेरो से मचाई तबाही, आठ लोगों को कुचलने के बाद बड़ा खुलासा
रेलवे स्टेशन पर जमकर हंगामा, RPF पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर शख्स ने किया प्रदर्शन
मनोज मुंतशिर का बड़ा खुलासा, बोले- 'आदिपुरुष' मेरी जिंदगी का सबसे गलत फैसला था
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर चिंता के संकेत, नाबार्ड रिपोर्ट में आय और भविष्य के भरोसे में गिरावट
शेखर सुमन ने छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज, भावुक बयान से सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा
वाहन खरीद-बिक्री और जमीन दलाली के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, करोड़ों की ठगी का खुलासा
₹88 करोड़ की ठगी का आरोपी गिरफ्त में, यूएई से भारत पहुंचा मास्टरमाइंड अविनाश राठौड़