भोपाल सहित 42 जिलों में बारिश का अलर्ट: नौतपा में मानसून जैसी राहत, पर सूखे का खतरा बरकरार
भोपाल: मध्य प्रदेश में इस समय नौतपा के बीच मौसम का एक बेहद अनोखा रूप देखने को मिल रहा है। कड़कती धूप और भीषण गर्मी के दिनों में अचानक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर शुरू हो गया है। शनिवार को आधे से ज्यादा मध्य प्रदेश में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश दर्ज की गई, और कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। जिन जिलों में पानी नहीं बरसा, वहां भी आसमान में बादलों के छाने से तापमान काफी नीचे आ गया है। इस अचानक आए बदलाव से भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है और ज्यादातर जिलों में सुबह और शाम का मौसम सुहावना हो गया है। राजधानी भोपाल में भी सुबह से ही हल्की बूंदाबांदी का माहौल बना हुआ है। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के 42 जिलों में हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है, जहां 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
नौतपा में बड़ी राहत, 10 डिग्री से ज्यादा गिरा पारा
सामान्य तौर पर नौतपा के 9 दिनों में सबसे ज्यादा और असहनीय गर्मी पड़ती है। इस बार भी शुरुआती पांच दिनों में प्री-मानसून की गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाए थे और तेज लू के कारण लोगों का दोपहर में घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। लेकिन जैसे ही आधा नौतपा बीता, मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। प्रदेश में पिछले एक हफ्ते से सबसे गर्म रहने वाले नौगांव और खजुराहो का तापमान अचानक 10 डिग्री से भी ज्यादा नीचे गिर गया। जो इलाके कुछ दिन पहले तक 47 डिग्री तापमान के साथ भट्टी की तरह तप रहे थे, वहां शनिवार को खजुराहो में 36.4 डिग्री और नौगांव में 35.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
इन 8 जिलों में तेज बारिश और ओले गिरने का अलर्ट
मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार को मध्य प्रदेश के लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ेंगी। हालांकि, प्रदेश के 8 जिलों देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, cutni (कटनी), मैहर, उमरिया और शहडोल में मौसम ज्यादा आक्रामक हो सकता है। इन जिलों के लिए मौसम वैज्ञानिकों ने तेज बारिश के साथ ओले गिरने का विशेष अलर्ट जारी किया है।
मानसून में देरी और अलनीनो के कारण सूखे का खतरा
एक तरफ जहां इस आंधी-बारिश से लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ किसानों और आम लोगों के लिए एक चिंताजनक खबर भी सामने आई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार मानसून देर से आ रहा है। मई का पूरा महीना बीतने को है पर मानसून ने अभी तक केरल में दस्तक नहीं दी है। उम्मीद है कि अगले तीन-चार दिनों में यह केरल के तट पर पहुंचेगा, जिसके बाद 20 जून तक इसके मध्य प्रदेश में आने की संभावना है। इससे भी बड़ी चिंता 'अलनीनो इफेक्ट' को लेकर है क्योंकि इस साल प्रशांत महासागर का तापमान जनवरी से अब तक 1 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुका है, जो इस सदी में पहली बार हुआ है। इस अलनीनो प्रभाव के कारण मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में सामान्य से कम यानी 90 प्रतिशत से कम बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। अगर मौसम विभाग का यह अनुमान सच साबित होता है, तो आने वाले समय में किसानों के सामने सूखे का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।


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