‘अपराधियों को संरक्षण मिल रहा’, RG Kar पीड़िता की मां ने पूर्व CM पर लगाए गंभीर आरोप
कोलकाता | आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए जघन्य दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में जांच के दौरान बरती गई घोर लापरवाही को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने तीन पुलिस अफसरों को निलंबित कर दिया है। सरकार के इस कड़े कदम के बाद मृतका की मां और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक रत्ना देबनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ममता बनर्जी को कथित तौर पर अपराधियों का संरक्षणदाता बताते हुए मांग की है कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री से सही तरीके से पूछताछ की जाए और उन्हें हिरासत में लिया जाए, तो इस पूरी साजिश में शामिल कई रसूखदार चेहरों के नाम बेनकाब हो सकते हैं।
जांच के दायरे से बाहर छूटे कई संदिग्ध
विधायक रत्ना देबनाथ ने मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि इस बर्बर कृत्य में कई लोग संलिप्त थे, लेकिन वास्तविक सच को अब तक छुपाकर रखा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि घटना वाली रात पीड़िता के साथ रात्रिभोज करने वाले अन्य संदिग्धों की गहनता से जांच क्यों नहीं की गई? देबनाथ के अनुसार, अब तक केवल मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रिसिंपल को ही सलाखों के पीछे भेजा गया है, जबकि कई अन्य संदेहास्पद किरदारों की भूमिका पर से पर्दा उठना अभी बाकी है।
हत्या के पीछे बड़ी साजिश और केस को दबाने का प्रयास
पीड़िता की मां ने इस पूरी घटना को एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा करार दिया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के साथ-साथ तत्कालीन कॉलेज प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों को भी इसका उत्तरदायी ठहराया। उन्होंने तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव नारायणस्वरूप निगम का नाम लेते हुए उन पर भी गंभीर आरोप मढ़े। वहीं, मृतका के पिता शेखररंजन देबनाथ ने दावा किया कि इस मामले को शुरुआत से ही रफा-दफा करने की कोशिश की गई थी। उनके मुताबिक, एक आईपीएस अधिकारी ने पहले ही दिन से साक्ष्यों को छिपाने का प्रयास किया और यह सब पूर्व मुख्यमंत्री के इशारे पर किया जा रहा था, जो अब पूरी तरह साफ हो चुका है।
नए नेतृत्व की कार्रवाई का स्वागत और पूर्व पुलिस कमिश्नर पर जांच
पीड़ित परिवार ने हालांकि सूबे की मौजूदा सरकार द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है और नए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए न्याय की उम्मीद जताई है। इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि आरजी कर मामले में कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत कुमार गोयल सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। हावड़ा में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ अधिकारियों पर पीड़ित परिवार को रुपयों का लालच देकर मामले को दबाने के भी संगीन आरोप हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए दागी अफसरों को सस्पेंड कर जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।


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