पावरप्ले में ही निकल गई दिल्ली की हवा; 243 के लक्ष्य के सामने 59 रन की शुरुआत बनी हार की वजह।
दिल्ली कैपिटल्स की हार का विश्लेषण: पावरप्ले की सुस्ती और लचर फील्डिंग पड़ी भारी
सनराइजर्स हैदराबाद द्वारा दिए गए 243 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली कैपिटल्स की टीम लड़खड़ा गई। इस पराजय के बाद टीम के 'डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट' वेणुगोपाल राव और कप्तान अक्षर पटेल ने टीम की खामियों को उजागर किया। हार के लिए विशेष रूप से शीर्ष क्रम की धीमी बल्लेबाजी और खराब क्षेत्ररक्षण (फील्डिंग) को जिम्मेदार ठहराया गया है।
पावरप्ले में पिछड़ी दिल्ली वेणुगोपाल राव के अनुसार, मैच का परिणाम शुरुआती छह ओवरों में ही तय हो गया था। दिल्ली की टीम पावरप्ले में केवल 59 रन बना सकी। राव ने कहा, "इतने बड़े लक्ष्य के लिए पावरप्ले में कम से कम 80-90 रन चाहिए थे। हम 15-20 रन पीछे रह गए, जिससे बाद के बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ गया।"
केएल राहुल और नीतीश राणा की लय पर सवाल सलामी बल्लेबाज केएल राहुल से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे 23 गेंदों में 37 रन ही बना सके। राव ने बताया कि राहुल को पर्याप्त स्ट्राइक नहीं मिली, जिससे वे अपनी लय नहीं पकड़ पाए। दूसरी ओर, नीतीश राणा ने 57 रन बनाए, लेकिन उनकी धीमी शुरुआत ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। मध्य ओवरों में नीतीश द्वारा अधिक गेंदें खेलने के कारण राहुल पर दबाव बढ़ता गया और मोमेंटम हैदराबाद की ओर चला गया।
अभिषेक शर्मा को मिले जीवनदान बने काल दिल्ली की हार का सबसे बड़ा कारण अभिषेक शर्मा के छूटे हुए मौके रहे। अभिषेक जब 49 रन पर थे, तब केएल राहुल ने उन्हें रनआउट करने का आसान मौका गंवाया। इसके बाद 86 रन के निजी स्कोर पर नीतीश राणा ने उनका कैच छोड़ दिया। इन दो जीवनदानों का फायदा उठाते हुए अभिषेक ने 135 रनों की विध्वंसक पारी खेल डाली।
अक्षर पटेल का रुख कप्तान अक्षर पटेल ने क्षेत्ररक्षण में हुई चूक पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कैच और रनआउट के मौके छोड़ना टीम को महंगा पड़ा। हालांकि, उन्होंने टीम संयोजन में बड़े बदलाव की संभावना से इनकार किया और इसे एक 'खराब दिन' करार दिया। कुलदीप यादव को केवल दो ओवर देने और नीतीश राणा से चार ओवर गेंदबाजी कराने के फैसले पर भी सवाल उठे, जिसका बचाव टीम मैनेजमेंट ने कप्तान के विवेक पर छोड़कर किया।


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