ओंकारेश्वर में 2400 करोड़ से संवर रहा 'अद्वैत लोक', 2027 में निकलेगी 17 हजार किमी की 'एकात्म यात्रा'

भोपाल/ओंकारेश्वर: मध्य प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने घोषणा की है कि ओंकारेश्वर में लगभग 2400 करोड़ रुपये की लागत से 'अद्वैत लोक' का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। ओंकारेश्वर को एकात्मकता के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में वैश्विक पहचान दिलाई जा रही है। राज्य मंत्री लोधी मंगलवार को ओंकारेश्वर में आयोजित पांच दिवसीय 'एकात्म पर्व' के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा अद्वैत लोक मंत्री लोधी ने बताया कि ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर की 108 फीट ऊंची 'एकात्मता की मूर्ति' (Statue of Oneness), शंकर संग्रहालय और अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान की स्थापना का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। श्रद्धालुओं के लिए यहां लेजर एंड साउंड शो शुरू किया जाएगा, जो नर्मदा तट पर आदि शंकराचार्य के जीवन दर्शन को जीवंत करेगा। इसके साथ ही अद्वैत लोक में एक डिजिटल लाइब्रेरी बनेगी, जहां प्राचीन ग्रंथों की डिजिटल पांडुलिपियां उपलब्ध होंगी। ध्यान, साधना केंद्र और सांस्कृतिक कार्यशालाएं भी इस परिसर का मुख्य आकर्षण होंगी।

17 हजार किलोमीटर की विशाल 'एकात्म यात्रा' आगामी जनवरी से अप्रैल 2027 तक आदि शंकराचार्य के जन्म स्थान कालड़ी (केरल) से केदारनाथ तक लगभग 17 हजार किलोमीटर लंबी 'एकात्म यात्रा' का आयोजन किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से ओंकार पर्वत पर 38 हेक्टेयर क्षेत्र में 40 हजार पौधे लगाकर 'अद्वैत वन' विकसित किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि यहां आने वाले पर्यटक केवल सेल्फी लेकर नहीं, बल्कि एकात्मकता का अनमोल ज्ञान लेकर लौटेंगे।

विश्व के कोने-कोने तक पहुँचे शंकर का संदेश: स्वामी अवधेशानंद गिरि कार्यक्रम में जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने मध्य प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आह्वान किया कि 'शंकरदूत' अब केवल भारत तक सीमित न रहें, बल्कि आचार्य शंकर के संदेश को विश्व के प्रत्येक कोने तक पहुंचाएं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने उपस्थित नागरिकों को एकात्मकता का संकल्प भी दिलाया।