गोविंदा के गिरते करियर पर समीर अंजान भावुक; बोले- 'उनका वक्त फिलहाल खराब चल रहा है'।
गोविंदा के लिए लिखे गीतों का समीर ने साझा किया अनुभव समीर अंजान ने अपने लंबे करियर में गोविंदा के लिए एक से बढ़कर एक हिट गाने लिखे हैं। ‘यूपी वाला ठुमका लगाओ’ और ‘सरकाइलो खटिया जाढ़ा लगे’ जैसे उनके गीत आज भी बेहद लोकप्रिय हैं। गोविंदा के साथ काम करने के अनुभव पर समीर ने कहा, "गोविंदा के भीतर उत्तर प्रदेश का असली रंग बसा हुआ है। अगर ये गाने सलमान या शाहरुख खान को दिए जाते, तो शायद वो बात नहीं बन पाती। गोविंदा उस माटी से जुड़े कलाकार हैं और जब वे परफॉर्म करते हैं, तो उसे पूरी शिद्दत से जीते हैं।"
समीर ने आगे बताया, "जब भी मैं गोविंदा के लिए लिखता हूं, तो उनकी बॉडी लैंग्वेज और बात करने का खास अंदाज मेरे जेहन में रहता है। अन्य एक्टर्स का अपना एक सीमित दायरा है, इसलिए उनके लिए लिखते समय मुझे ज्यादा मंथन नहीं करना पड़ता। लेकिन गोविंदा पैदाइशी कलाकार और डांसर हैं।"
गोविंदा के 'डाउनफॉल' पर छलका समीर का दर्द गोविंदा के करियर के मौजूदा कठिन दौर पर समीर ने कहा, "यह वाकई बहुत दुखद है। इसे ही समय का चक्र कहते हैं। इसमें न उनकी कोई गलती है और न किसी और की। आज भी अगर वह स्क्रीन पर आ जाएं, तो किसी की उनके सामने टिकने की हिम्मत नहीं है, लेकिन फिलहाल वक्त साथ नहीं दे रहा। इसमें किसी का दोष नहीं है, पर दिल को दुख जरूर होता है।"
समीर ने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा, "हम तो उनके परिवार की तरह हैं। एक दौर था जब हमारी शामें उनके या उनके मामा के घर बीतती थीं। उनकी पहली फिल्म की शुरुआत करवाने वाले मैं और आनंद-मिलिंद ही थे। हमने उन्हें बहुत करीब से देखा है। वे घर के बच्चे जैसे लगते थे। जब ऐसे प्रतिभाशाली इंसान के साथ ऐसा होता है, तो तकलीफ होती है। मैंने एक-दो बार उन्हें समझाया भी था, लेकिन मिलकर लगा कि फिलहाल उनका समय अनुकूल नहीं है। वे एक अद्भुत और स्वाभाविक अभिनेता हैं।"


राशिफल 23 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर