आरबीआई के नए दिशानिर्देश लागू, ऑटो डेबिट व्यवस्था में बड़ा बदलाव
RBI के नए नियम लागू: अब बिना आपकी मर्जी नहीं कटेगा खाते से पैसा, ऑटो-डेबिट पर बढ़ा ग्राहकों का नियंत्रण
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल लेनदेन को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए 'डिजिटल पेमेंट्स-ई-मैंडेट फ्रेमवर्क 2026' के नए दिशानिर्देशों को मंगलवार से प्रभावी कर दिया है। इन बदलावों का सीधा उद्देश्य ग्राहकों को उनके बैंक खातों से होने वाले स्वचालित भुगतानों (Auto-Debit) पर बेहतर नियंत्रण देना और धोखाधड़ी की संभावनाओं को कम करना है।
1. भुगतान से 24 घंटे पहले मिलेगा 'अलर्ट'
नए नियमों के अनुसार, अब किसी भी प्रकार के ऑटो-डेबिट भुगतान से 24 घंटे पहले बैंक या कार्ड जारी करने वाली संस्था को ग्राहक को मोबाइल या ईमेल पर सूचना देनी होगी।
- विस्तृत जानकारी: इस अलर्ट में पैसा प्राप्त करने वाली कंपनी का नाम, भुगतान की राशि, तारीख और एक रेफरेंस नंबर दिया जाएगा।
- भुगतान रोकने की सुविधा: यदि ग्राहक वह भुगतान नहीं करना चाहता, तो उसके पास उस अवधि के दौरान उसे रोकने (Cancel) का विकल्प होगा।
- 2. कार्ड बदलने पर नहीं होगी परेशानी
अक्सर डेबिट या क्रेडिट कार्ड की समय सीमा (Expiry) खत्म होने पर ग्राहकों को विभिन्न ऐप्स पर जाकर भुगतान की जानकारी दोबारा अपडेट करनी पड़ती थी। अब बैंक पुराने कार्ड के सभी भुगतान निर्देशों को स्वचालित रूप से नए कार्ड पर स्थानांतरित कर देंगे, जिससे सब्सक्रिप्शन सेवाओं में कोई रुकावट नहीं आएगी।
3. किन सेवाओं पर होगा असर?
यह नियम उन सभी भुगतानों पर लागू होगा जो कार्ड, यूपीआई (UPI) या प्रीपेड वॉलेट के माध्यम से किए जाते हैं, जैसे:
- ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म का सब्सक्रिप्शन।
- बीमा प्रीमियम और बिलों का भुगतान।
- म्यूचुअल फंड में एसआईपी (SIP) और लोन की ईएमआई (EMI)।
- नोट: फास्टैग (FASTag) ऑटो-रिचार्ज के लिए 24 घंटे पहले की पूर्व सूचना अनिवार्य नहीं होगी।
4. लेनदेन की नई सीमा और ओटीपी (OTP) नियम
आरबीआई ने डिजिटल निवेश और बिल भुगतान को सुगम बनाने के लिए ओटीपी की सीमा में बदलाव किया है:
- ₹1 लाख तक की छूट: बीमा प्रीमियम, म्यूचुअल फंड निवेश और क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान के लिए अब 1 लाख रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर ओटीपी की जरूरत नहीं होगी।
- सामान्य सीमा: अन्य सामान्य ई-मैंडेट के लिए यह सीमा 15,000 रुपये निर्धारित की गई है।
5. कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं और आसान समाधान
रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि ई-मैंडेट की इस उन्नत सुविधा के लिए ग्राहकों से कोई भी अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा, यदि किसी गलत लेनदेन या विवाद की स्थिति पैदा होती है, तो बैंकों को त्वरित शिकायत निवारण की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव पन्ना में 204 करोड़ रूपए से अधिक राशि के 22 विकास कार्यों की देंगे सौगात
संसद में NEET विवाद पर बढ़ा सियासी टकराव, राहुल गांधी की बैठक से क्या निकलेगा हल?
CJP प्रोटेस्ट विवाद: सरकार ने कहा- संवाद के रास्ते खुले, 4 बार भेजा बातचीत का न्योता
हापुड़ में 6 साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म प्रयास, पुलिस ने दर्ज किया केस
शिक्षा पर कितना निवेश, कितना बदलाव? मोदी सरकार के 12 साल का डेटा आया सामने
झाबुआ रेल विवाद: 6 घंटे इंतजार के बाद यात्रियों ने रोका ट्रैक, बोले- लोकल को दी जा रही प्राथमिकता
'युवा सीधे संवाद चाहते हैं', विक्रमादित्य सिंह ने PM मोदी को दिया सुझाव
₹35 हजार का जुर्माना और 1000 लोगों को भोज, छत्तीसगढ़ से सामने आया चौंकाने वाला मामला
आलिया भट्ट, माधवन समेत कई सेलेब्स आए छात्रों के समर्थन में, सोशल मीडिया पर रखी राय