शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी दोनों दबाव में
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की तपिश: भारतीय बाजार और रुपये में भारी गिरावट
मुंबई: बुधवार को भारतीय वित्तीय बाजारों के लिए सुबह बेहद चुनौतीपूर्ण रही। वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दोहरे दबाव ने घरेलू निवेशकों की धारणा को झकझोर कर रख दिया है।
शेयर बाजार का हाल: सेंसेक्स और निफ्टी में हड़कंप
बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती सत्र में ही:
- सेंसेक्स: 494.12 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 78,779.21 के स्तर पर आ गया।
- निफ्टी: 142.2 अंकों की कमजोरी दर्ज करते हुए 24,434.40 पर कारोबार करता दिखा।
रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर की ओर
पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता का सीधा असर भारतीय मुद्रा पर पड़ा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 31 पैसे टूटकर 93.75 के स्तर पर पहुंच गया। यह लगातार तीसरा सत्र है जब रुपया अपनी मजबूती खोता नजर आ रहा है।
कच्चे तेल में उबाल और ट्रंप की चेतावनी
- बाजार में इस उथल-पुथल का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और अमेरिकी राजनीति से जुड़े बयान हैं।
- ब्रेंट क्रूड का रुख: वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फिलहाल 98.20 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है। हालांकि इसमें मामूली 0.28% की नरमी देखी गई है, लेकिन कीमतें अभी भी मनोवैज्ञानिक स्तर 98 डॉलर के ऊपर बनी हुई हैं।
- ट्रंप का कड़ा रुख: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। सीएनबीसी (CNBC) के 'स्क्वॉक बॉक्स' कार्यक्रम में ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि बुधवार तक कोई ठोस शांति समझौता नहीं होता है, तो वे ईरान पर सैन्य कार्रवाई (बमबारी) के विकल्प पर विचार करेंगे। ट्रंप के अनुसार, समझौता न होने की स्थिति में "बमबारी" एक बेहतर रणनीति साबित हो सकती है।


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