हाई कोर्ट बनाम लोअर कोर्ट: 21 साल पुराने हत्याकांड में अमित जोगी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट का रुख अहम।
जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को राहत नहीं, 23 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई
रायपुर|बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ अब इस मामले में 23 अप्रैल को सुनवाई करेगी। अमित जोगी ने अदालत से अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की गुहार लगाई है। जोगी की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि हाई कोर्ट ने उनका पक्ष सुने बिना ही एकतरफा निर्णय सुनाया है।
हाई कोर्ट ने पलट दिया था फैसला छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को इसी माह हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा था। अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट का यह फैसला निचली अदालत के उस पुराने आदेश को उलटते हुए आया, जिसमें अमित जोगी को बरी कर दिया गया था।
क्या है जग्गी हत्याकांड? 4 जून 2003 को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के करीबी रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल 31 लोग आरोपी बनाए गए थे। इनमें से 28 लोगों को पहले ही सजा मिल चुकी थी, जबकि अमित जोगी को शुरुआत में रिहा कर दिया गया था। इसके खिलाफ जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, जिसके बाद मामला पुनः चर्चा में आया और सजा का ऐलान हुआ।


राशिफल 24 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी आर्थिक संबल
बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, हर मुक्त बच्चे के पुनर्वास पर होगा विशेष फोकस
महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का किया निरीक्षण
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में छत्तीसगढ़ का नया अध्याय बनाया धमतरी जिले ने