भावुक हुए पीएम मोदी: 'माताओं-बहनों से मांगी माफी, बोले- मेरे लिए देशहित सर्वोपरि'
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार शाम राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में महिला आरक्षण विधेयक के पारित न हो पाने पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को इस विफलता का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने निजी राजनीतिक स्वार्थ के लिए देश की 'आधी आबादी' के हकों की बलि चढ़ा दी है।
प्रधानमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, "मैं देश की समस्त माताओं और बहनों से माफी मांगता हूं कि यह संशोधन सफल नहीं हो पाया।" उन्होंने कहा कि जब किसी दल का हित देश के हित से बड़ा हो जाता है, तो उसका खामियाजा नारी शक्ति को भुगतना पड़ता है। पीएम ने सदन में विपक्ष के व्यवहार को 'भ्रूणहत्या' करार देते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को 2029 के चुनावों से नए अवसर देने का एक 'महायज्ञ' था, जिसे विपक्ष ने रोक दिया।
मोदी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जनता और देश की महिलाएं विपक्ष के इस कृत्य को कभी नहीं भूलेंगी। उन्होंने कहा कि सदन में मेजें थपथपाकर जश्न मनाने वाले दल भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी सब देख रही है और वह अपने अपमान का बदला लोकतांत्रिक तरीके से जरूर लेगी।


संसद में नहीं थमा पेपर लीक विवाद, लोकसभा स्थगित, राज्यसभा में हंगामा जारी
पेपर लीक विवाद पर आज बड़ी बैठक, CJP ने इस्तीफे की मांग दोहराई
परमाणु समझौते पर बढ़ी सियासत, अमेरिका-सऊदी डील पर वैश्विक बहस तेज
अफगानिस्तान करेगा दिल्ली में होम सीरीज की मेजबानी, भारत से तीन टी20 मुकाबले
18 लाख रुपये के KCC घोटाले की फाइल दोबारा खुली, विधानसभा में उठा मामला
निवेशकों को बड़ा झटका! स्विगी के शेयर में तेज गिरावट, ये है पूरी वजह
रिकॉर्डबुक में दर्ज हुआ श्रेयस अय्यर का नाम, पहली जीत के साथ तोड़ा धोनी का रिकॉर्ड
छात्र आंदोलन पर विराट कोहली के नाम से वायरल पोस्ट, फैक्ट चेक में हुआ बड़ा खुलासा
अमेरिका में 'रामायण' का भव्य ट्रेलर लॉन्च, रणबीर कपूर ने राहा के लिए जताई खुशी
सिर्फ 120 रुपये के मोबाइल कवर ने खड़ा कर दिया विवाद, SDM की कार्रवाई चर्चा में