हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: सरकारी अनुबंध के चलते नामांकन निरस्त करना वैध
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो के खिलाफ दायर चुनाव याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस संजय के. अग्रवाल की एकल पीठ ने यह फैसला आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी मुन्ना लाल टोप्पो की याचिका पर सुनाया। याचिकाकर्ता ने रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा अपना नामांकन पत्र निरस्त किए जाने को अदालत में चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि याचिकाकर्ता ने स्वयं अपने शपथ पत्र में शासन के साथ अनुबंध (कांट्रैक्ट) होने की बात स्वीकार की थी। जल जीवन मिशन के तहत यह अनुबंध जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 9A के तहत अयोग्यता का आधार बनता है। अदालत ने माना कि रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नामांकन निरस्त करने की प्रक्रिया पूरी तरह वैध थी। हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता अपने ही बयानों से पीछे नहीं हट सकता।


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