रिकॉर्ड पूंजी संग्रहण: इक्विटी और ऋण बाजारों ने जुटाए 154 अरब डॉलर
नई दिल्ली | दुनिया भर में जारी आर्थिक उथल-पुथल के बीच भारतीय शेयर बाजार निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद ठिकाने के रूप में सामने आया है। हाल ही में उद्योग जगत के साथ हुई एक बैठक में सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडे ने स्पष्ट किया कि भारत अब वैश्विक स्तर पर एक मजबूत पूंजी केंद्र बन चुका है। देश का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) 4.4 लाख करोड़ डॉलर के प्रभावशाली स्तर पर पहुंच गया है। स्वास्थ्य सेवा, तकनीक और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं ने निवेशकों का भरोसा जीता है। उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने इक्विटी और ऋण बाजार के माध्यम से रिकॉर्ड 154 अरब डॉलर की राशि जुटाई है।
आरबीआई और बाजार के आंकड़े
वर्ष 2025 में भारत आईपीओ की संख्या के आधार पर विश्व में शीर्ष पर रहा, जबकि जुटाई गई पूंजी के लिहाज से तीसरे स्थान पर रहा। आरबीआई के अनुमानों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी विकास दर 7.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। वहीं, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की परिसंपत्तियां भी बढ़कर 780 अरब डॉलर हो गई हैं, और कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार अब 650 अरब डॉलर का आकार ले चुका है।


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