3600 करोड़ का एक्सप्रेसवे, फिर भी जाम का डर और भारी टोल की मार
लखनऊ| लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का टोल तय होते ही विवादों में आ गया है। एनएचएआई द्वारा निर्धारित 275 रुपये का न्यूनतम टोल काफी महंगा माना जा रहा है। जानकारों के अनुसार, 3600 करोड़ की लागत से बना यह एक्सप्रेसवे कानपुर शहर के बजाय उन्नाव के शुक्लागंज तक ही जाएगा, जिससे जाजमऊ के पास जाम और समय की बर्बादी की आशंका है। लखनऊ से कानपुर पहुंचने में एक्सप्रेसवे से करीब 2 घंटे लग सकते हैं।
इस स्थिति में शताब्दी, तेजस और वंदे भारत जैसी वीआईपी ट्रेनें यात्रियों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो रही हैं। ट्रेनें मात्र 1:10 घंटे में कानपुर पहुंचा देती हैं और इनका किराया भी निजी वाहन के ईंधन और टोल खर्च के मुकाबले सस्ता पड़ता है। एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 15 मई के बाद होने की संभावना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हो सकते हैं।
टोल रेट चार्ट:
कार/जीप: 275 रुपये (एक तरफ) | 415 रुपये (वापसी)
बस/ट्रक: 935 रुपये (एक तरफ) | 1405 रुपये (वापसी)
नोट: पुराने नेशनल हाईवे का टोल मात्र 95 रुपये है।


गुवाहाटी में मानसून का कहर, जलभराव से लोगों की बढ़ी चिंता
EPFO ने शुरू किया ब्याज का भुगतान, आपके खाते में आया पैसा या नहीं ऐसे करें पता
क्या तेल की जंग ने बढ़ाई ईरान-सऊदी दूरी? सामने आई नई थ्योरी
NEET लीक केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा संदेश- छात्रों के हित सर्वोपरि
भारत-जिम्बाब्वे दूसरा टी20 देखने से पहले जान लें मैच की टाइमिंग और बाकी जरूरी जानकारी
डॉलर की कमी से परेशान पाकिस्तान को चीन ने दी नई संजीवनी
'मोबाइल बन रहा माता-पिता का विकल्प', सुप्रीम कोर्ट ने बताई समाज की बड़ी चुनौती
जिस मगरमच्छ से दुनिया डरती थी, गांव वालों की आंखों का तारा था गंगाराम
छात्रों का फूटा गुस्सा, शिक्षकों की बर्खास्तगी और हॉस्टल की बदहाल व्यवस्था पर किया प्रदर्शन
सावधान! ATM में मदद मांगना पड़ा भारी, बदमाशों ने कार्ड बदलकर खाली किया खाता