ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी से भड़का चीन कहा- हमारे काम में दखल न दे अमेरिका
बीजिंग। होर्मुज के बहाने ईरान को चारों तरफ से अमेरिका घेरने में लगा हुआ है। इसी घेराबंदी के चलते उसने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी। इससे चीन भड़क गया है और अमेरिका को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि हमारे काम में किसी भी तरह दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चीन का यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से चीन के जहाजों को वापस लौटना पड़ा। पाकिस्तान में हुई ईरान के साथ वार्ता फेल होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाकेबंदी के आदेश दिए थे। बता दें कि अमेरिका-ईरान वार्ता के विफल रहने और नाकेबंदी की घोषणा के बाद तेल कीमतों में तेज उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड 101.88 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी क्रूड 104.69 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। विश्लेषकों का मानना है कि होर्मुज पर तनाव की आशंका के चलते दुनिया के एनर्जी मार्केट में अस्थिरता बनी रह सकती है।
चीन के रक्षा मंत्री डोंग जुन ने कहा कि उनका देश क्षेत्र में शांति और स्थिरता के पक्ष में है, लेकिन वह ईरान के साथ अपने ऊर्जा और व्यापार समझौतों का सम्मान करेगा और अपने हितों में किसी बाहरी दखल को स्वीकार नहीं करेगा। चीन ने इस बात पर जोर दिया है कि स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण है और यह जलमार्ग चीन के लिए खुला रहेगा। उन्होंने कहा, हमारे जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पानी में आ और जा रहे हैं। ईरान के साथ हमारे व्यापार और ऊर्जा के समझौते हैं। हम उन समझौतों का सम्मान करेंगे और उन्हें निभाएंगे, और हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे हमारे मामलों में दखल नहीं देंगे।
स्पेन,आस्ट्रेलिया जैसे देशों में नाराजगी
स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोब्लेस ने नाकेबंदी की चेतावनी को बेमतलब करार देते हुए कहा कि यह संघर्ष पहले ही दुनिया को एक खतरनाक स्थिति में ले जा चुका है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि उन्हें नाकेबंदी में शामिल होने के लिए कोई अनुरोध नहीं मिला है और जलमार्ग सभी देशों के लिए खुला रहना चाहिए।
ईरान ने कहा तो ध्वस्त कर देंगे बंदरगाह
वहीं दूसरी तरफ जवाब में ईरान ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी बंदरगाहों को निशाना बनाने की धमकी दी। इससे दोनों पक्षों के बीच युद्ध-विराम के विफल होने और लड़ाई फिर से छिड़ने की आशंका बढ़ गई है। समुद्री सुरक्षा की निगरानी करने वाली यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी ने नाविकों के लिए एक नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया है कि नाकेबंदी में बंदरगाहों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे सहित पूरी ईरानी तटरेखा शामिल है। इसमें कहा गया है कि गैर-ईरानी ठिकानों से आने वाले या वहां जाने वाले जहाजों के लिए स्ट्रेट से गुजरने पर प्रतिबंध नहीं होने की खबरें हैं, लेकिन क्षेत्र में जहाजों को सैन्य उपस्थिति का सामना करना पड़ सकता है।


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