गृह मंत्री शाह का ममता सरकार पर बड़ा हमला, 14 आरोपों के साथ जारी की चार्जशीट
पश्चिम बंगाल में होने जा रहे चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल में काफी गर्मागर्मी देखने को मिल रही है। केंद्र सरकार और ममता सरकार के बीच राज्य की सत्ता पाने को लेकर लगातार टकराव जारी है। इसी कड़ी में अब गृह मंत्री अमित शाह ने टीएमसी पर नया हमला किया है। शाह ने ममता सरकार के खिलाफ एक चार्जशीट जारी कर दी है जिसमें 14 आरोप शामिल है। इसमें भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था बिगाड़ने से जुड़े आरोपों के अलावा महिला सुरक्षा से जुड़ी चितांए और अन्य कई आरोप शामिल है।
बंगाल सीमा के जरिए देश में घुसते है घुसपैठिए - शाह
कोलकाता में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां से घुसपैठिए भारत में प्रवेश करके पूरे देश में अशांति फैला रहे है। शाह ने बंगाल की सीमा के जरिए देश में हो रही घुसपैठ को राष्ट्रिय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बताया है। शाह ने कहा कि देश की सुरक्षा इन चुनावों के नतीजों से जुड़ी है। घुसपैठियों को देश में घुसने से रोकने का सिर्फ यह एक ही रास्ता बचा है। गृह मंत्री ने आगे कहा कि बीजेपी ने टीएमसी की खिलाफ जनता की शिकायतों को आवाज देने का फैसला लिया है। शाह ने अपने कार्यक्रम का एजेंडा ममता सरकार के 15 साल के शासन के खिलाफ चार्जशीट पेश करना बताया।
टीएमसी के 15 साल के काले कारनामों का संकलन यह चार्जशीट
गृह मंत्री ने चार्जशीट के बारे में बात करते हुए कहा कि यह टीएमसी द्वारा पिछले 15 साल में किए गए काले कारनामों का एक संकलन है। यह एक ऐसे शासन की कहानी है जिसने सोनार बांग्ला का वादा करके सिंडिकेट राज स्थापित किया और इसके जरिए राज्य की जनता का शोषण किया। शाह ने आगे कहा कि ऊपर से नीचे तक यह सिंडिकेट अपराधी जनता को परेशान कर रहे है। गृह मंत्री ने आगे कहा बंगाल को अब प्रगति और विकास की उस तेज रफ्तार से कदम से कदम मिलाना होगा जो इस समय पूरे देश में छाई हुई है, एक ऐसी यात्रा जिसकी पहचान भय के आतंक से मुक्ति है। शाह ने कहा कि यह चुनाव उस निर्णायक चुनाव का अवसर है।
बंगाल में घुसपैठियों को सक्रिय रूप से संरक्षण
गृह मंत्री ने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल अब एक ऐसी जगह बन गया है जहां घुसपैठियों को सक्रिय रूप से संरक्षण दिया जाता है। सरकार ने राजनीतिक तुष्टीकरण को अपना मुख्य उद्देश्य बना लिया है। शाह ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल ने कई सालों तक कम्युनिस्ट शासन का कहर झेलने के बाद सोनार बांग्ला के सपने से प्रेरित होकर इस सरकार को वोट दिया था। लेकिन आज वही लोग कह रहे है कि कम्युनिस्ट शासन इससे बेहतर था।


IPL Moment: गिल के आउट होते ही सुयश का खास अंदाज वायरल
US-Iran Talks: ईरान ने साफ किया रुख, शर्तों के बिना बातचीत नहीं
रायपुर में ट्रैफिक का कड़ा पहरा, नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं
श्रीसंत का बड़ा फैसला: हरभजन से दूरी, इंस्टाग्राम पर ब्लॉक
मिडिल ईस्ट में हलचल: खामेनेई के बेटे को लेकर फैली खबरों का सच
फैंस के लिए खुशखबरी: स्टार्क जल्द उतर सकते हैं मैदान पर