ई-वाहन खरीदने वालों के लिए अलर्ट, PM E-DRIVE Scheme में नई शर्तें लागू
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने वाली पीएम ई-डीआरईवीई योजना के नियमों में अहम बदलाव किए हैं। भारी उद्योग मंत्रालय की नई अधिसूचना के मुताबिक अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए अलग-अलग अंतिम तारीख और अधिकतम यूनिट सीमा तय कर दी गई है।
नई गाइडलाइंस के अनुसार
- इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए इंसेंटिव केवल 31 जुलाई 2026 तक रजिस्ट्रेशन पर मिलेगा।
- जबकि इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए यह सुविधा 31 मार्च 2028 तक जारी रहेगी।
सरकार ने क्या किया साफ?
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह योजना पूरी तरह फंड-लिमिटेड है और इसका कुल बजट ₹10,900 करोड़ निर्धारित है। यदि यह राशि तय समयसीमा से पहले ही खर्च हो जाती है, तो योजना या उसके संबंधित हिस्सों को समय से पहले बंद कर दिया जाएगा और उसके बाद किसी भी तरह के नए दावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
वाहनों की अधिकतम एक्स-फैक्ट्री कीमत की गई निर्धारित
इंसेंटिव का लाभ उठाने के लिए वाहनों की अधिकतम एक्स-फैक्ट्री कीमत भी निर्धारित की गई है। इसके तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए ₹1.5 लाख और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए ₹2.5 लाख तक की कीमत वाले वाहनों को ही सब्सिडी मिलेगी।
कितने लाभार्थियों को मिलेगा लाभ?
इसके अलावा, योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या भी सीमित कर दी गई है। सरकार अधिकतम 24,79,120 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और 39,034 ई-रिक्शा व ई-कार्ट को ही इस योजना के तहत प्रोत्साहन देगी।
कौन योजना के पात्र माने जाएंगे?
अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि 'टर्मिनल डेट' वह अंतिम तारीख होती है, जिसके भीतर वाहन का रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है, तभी वह योजना के लाभ के लिए पात्र माना जाएगा। गौरतलब है कि L5 श्रेणी के इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए निर्धारित लक्ष्य पहले ही पूरा हो चुका है, जिसके चलते इस सेगमेंट को 26 दिसंबर 2025 से बंद कर दिया गया है।


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