बाथरुम में फिसले या सैनिकों ने पीटा?
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की गंभीर चोटों को लेकर चर्चाएं चल रही हैं वह अस्पताल में भर्ती हैं और उनका स्कल फ्रैक्चर बताया जा रहा है। जब पाकिस्तान में कानाफूसी शुरू हुई तो सेना और परिवार ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी करके कहा कि ‘बाथरूम में फिसल जाने’ से उनका ये हाल हुआ। हालांकि भारतीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय खुफिया सूत्र को अंदर की बात पता चली है। खुफिया सूत्रों ने बताया है कि बाजवा पर ये अटैक असल में फौजियों ने किया है।
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है बाजवा के साथ ये घटना 10 फरवरी की सुबह तड़के 4:30 बजे हुई। आईएसपीआर और परिवार ने स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा कि जनरल बाथरूम में फिसल गए और उनके सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। रावपिंडी के कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती बाजवा के सिर में फ्रैक्चर आया है और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इस घटना ने पाकिस्तान सेना के अंदर पनप रहे आंतरिक असंतोष और बदले की आग को एक बार फिर सतह पर ला दिया है।
जनरल बाजवा के साले नईम घुम्मन ने बताया कि जनरल नंगे पैर थे और बाथरूम में फिसल गए, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई है। इसके बाद आईएसपीआर ISPR ने भी पुष्टि की कि यह एक घरेलू दुर्घटना है और उनका सफल ऑपरेशन हो चुका है। हालांकि खुफिया सूत्रों का मानना है कि यह कोई साधारण बाथरूम में फिसल जाने की घटना नहीं है। असल में जनरल बाजवा को तीन सैन्य कर्मियों ने घेर कर पीटा। उन पर तब तक अटैक किया गया जब तक स्कल फ्रैक्चर नहीं हो गया। सूत्रों का दावा है कि 2022 में इमरान खान की सरकार गिराने के दौरान जनरल बाजवा ने आईएसआई को कुछ ऐसे अधिकारियों के परिवारों को निशाना बनाने का आदेश दिया था जो इस तख्तापलट का विरोध कर रहे थे। माना जा रहा है कि यह हमला उन्हीं पीड़ित अधिकारियों के परिजनों या जूनियर कर्मियों ने किया है।


तलाक की खबर ने परिवार में फैलाई चिंता, सोशल मीडिया पर मामला चर्चा में
प्रफुल्ल पटेल और तटकरे पर लगे आरोपों को पार्थ पवार ने बताया बेबुनियाद
वोटर लिस्ट विवाद: मालदा में न्यायिक अधिकारियों पर बंधक बनाकर विरोध प्रदर्शन
सत्र 2026-27 से लागू होगा नया CBSE सिलेबस, छात्रों को करना होगा ध्यान
जमीन विवाद के बीच बना सरकारी भवन, अब उपयोग पर उठे सवाल
भर्ती प्रक्रिया निरस्त: हाई कोर्ट बोला- फिर से जारी करें प्लाटून कमांडर का विज्ञापन
सीधे संपर्क का मामला, HC ने पूछा- क्यों न हो कार्रवाई?