सलमान खान की मौजूदगी पर संजय राउत का कटाक्ष, RSS समारोह को लेकर कसा तंज
मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुंबई में आयोजित शताब्दी समारोह के दौरान सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस कार्यक्रम को लेकर भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस नेतृत्व पर जमकर हमला बोला। खासतौर पर बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की मौजूदगी को लेकर राउत ने तीखे सवाल खड़े किए।
संजय राउत ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि आरएसएस के कार्यक्रम में सलमान खान को बुलाया गया, लेकिन सवाल यह है कि सलमान खान कब से संघ के स्वयंसेवक बन गए। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि संघ के शताब्दी समारोह में ऐसे लोगों को क्यों आमंत्रित किया गया, जिनका संघ से कोई वैचारिक या संगठनात्मक संबंध नहीं रहा है। राउत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी के आने के बाद अब लोग कहते हैं— चले जाओ, झंझट क्यों लेना।
राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी के शासनकाल में भारत अमेरिका का गुलाम बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने देश को अमेरिका के हाथों गिरवी रख दिया है और इसकी जिम्मेदारी संघ प्रमुख मोहन भागवत और आरएसएस को भी लेनी चाहिए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि सरकार अब तक वीर सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दे रही है और मोहन भागवत को इस मुद्दे पर सरकार को स्पष्ट रूप से कहना चाहिए।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने यह भी दावा किया कि इस कार्यक्रम में गायक अदनान सामी भी मौजूद थे, जो पाकिस्तान से भारत आए हैं। राउत ने आरोप लगाया कि अदनान सामी के पिता पाकिस्तान वायुसेना में थे और उन्होंने भारत के खिलाफ युद्ध लड़ा था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समारोह में ऐसे लोग भी शामिल थे, जो कभी पोर्न इंडस्ट्री से जुड़े रहे हैं, हालांकि उन्होंने किसी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया। इसी के साथ ही संजय राउत ने समारोह में कुछ प्रमुख हस्तियों की गैरमौजूदगी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वह कार्यक्रम में शाहरुख खान को ढूंढ रहे थे, लेकिन वह वहां नजर नहीं आए। राउत ने पूछा कि क्या शाहरुख खान देशभक्त नहीं हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रसिद्ध गीतकार और लेखक जावेद अख्तर की अनुपस्थिति का भी जिक्र किया और कहा कि जावेद अख्तर का परिवार देश के लिए बलिदान दे चुका है, फिर भी उन्हें कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया।


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