पंचांग: कालाष्टमी और जन्माष्टमी की जुगलबंदी! जानें राहुकाल का समय और पूजा की सबसे सटीक विधि
पंचांग : आज 09 फरवरी, 2026 सोमवार, के दिन फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि है. इस तिथि पर भगवान शिव के एक स्वरूप कालभैरव का अधिकार है, जिन्हें समय का देवता भी कहा जाता है. यह तिथि किसी भी तरह के शुभ कार्यों, नई बातचीत और मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए अच्छी नहीं है. आज कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भी है.
9 फरवरी का पंचांग
- विक्रम संवत : 2082
- मास : फाल्गुन
- पक्ष : कृष्ण पक्ष अष्टमी
- दिन : सोमवार
- तिथि : कृष्ण पक्ष अष्टमी
- योग : वृद्धि
- नक्षत्र : विशाखा
- करण : बलव
- चंद्र राशि : तुला
- सूर्य राशि : मकर
- सूर्योदय : सुबह 07:05 बजे
- सूर्यास्त : शाम 06:05 बजे
- चंद्रोदय : देर रात 01.19 बजे (10 फरवरी)
- चंद्रास्त : सुबह 11.07 बजे
- राहुकाल : 08:28 से 09:50
- यमगंड : 11:13 से 12:35
दैनिक महत्व की गतिविधियों के लिए उपयुक्त है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा तुला राशि और विशाखा नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र 20 डिग्री तुला से 3:20 डिग्री वृश्चिक राशि तक फैला हुआ है. इसके शासक ग्रह बृहस्पति और देवता सतराग्नि हैं, जिसे इन्द्राग्नि भी कहा जाता है. यह मिश्रित प्रकृति का नक्षत्र है. नियमित कर्तव्यों के पालन के लिए, किसी की पेशेवर जिम्मेदारियों को सौंपने के लिए, घरेलू काम और दिन-प्रतिदिन के महत्व की किसी भी गतिविधि के लिए ये उपयुक्त नक्षत्र है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 08:28 से 09:50 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.


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