MP News: टाइगर स्टेट में 54 बाघों की मौत पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस
MP News Tiger Deaths को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। एक ओर जहां मध्य प्रदेश को देश का टाइगर स्टेट कहा जाता है, वहीं दूसरी ओर यहां बाघों की सबसे अधिक मौतें दर्ज होना प्रशासन और वन विभाग के लिए बड़ा सवाल बन गया है। इसी मुद्दे पर दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश सरकार और नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी (NTCA) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
यह मामला चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच के समक्ष आया। याचिका में दावा किया गया है कि वर्ष 2025 के दौरान मध्य प्रदेश में कुल 54 बाघों की मौत हुई है। यह आंकड़ा वर्ष 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत के बाद किसी एक साल में सबसे अधिक बताया जा रहा है। कोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे बेहद गंभीर विषय करार दिया है।
भोपाल के वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे द्वारा दायर याचिका में यह भी कहा गया है कि बाघों की मौत के लगभग 57 प्रतिशत मामले अप्राकृतिक हैं। सबसे ज्यादा मौतें शहडोल–बांधवगढ़ लैंडस्केप और रातापानी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सामने आई हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कई मामलों में बाघों के शव बिजली लाइनों के पास मिले हैं, जिससे करंट लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इन्हें आपसी संघर्ष बताकर गंभीर जांच से बचा जा रहा है।


ड्रीम मीनिंग: सपने में पैसे दिखें तो क्या होता है इशारा—सिक्का या नोट कौन बेहतर?
ईटिंग हैबिट्स से खुलता है व्यक्तित्व: जानें आपका खाना खाने का तरीका क्या कहता है
वास्तु टिप्स: दक्षिण दिशा में दरवाजा होने पर ऐसे करें दोष का समाधान
आज का राशिफल: 3 अप्रैल 2026 को किन राशियों की चमकेगी किस्मत
विकसित भारत की कल्पना हो रहा है साकार
औजार खरीदी अनुदान योजना- विदिशा के श्रमिक देवेंद्र शर्मा को ₹5000 की सहायता, कार्य में बढ़ी दक्षता
चारधाम यात्रा में गैस की भारी डिमांड, सरकार ने बढ़ाया अलर्ट
अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई ने वर्ष 2025-26 में दिखाया मास्टर क्लास प्रदर्शन
वन विभाग की बड़ी उपलब्धि : बारनवापारा का रामपुर ग्रासलैंड फिर हुआ काले हिरणों से आबाद