वोटर लिस्ट में गड़बड़ी नहीं चलेगी, चुनाव से पहले कसी गई नकेल
मऊ/गोंडा|उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आहट के बीच प्रशासनिक अमला पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। एक ओर जहां गोंडा में वोटर लिस्ट की शुद्धता को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी यानी डीएम ने कड़े निर्देश दिए हैं, वहीं मऊ में पंचायत सहायकों को शासन की सबसे महत्वपूर्ण 'आयुष्मान भारत योजना' को घर-घर पहुंचाने का बड़ा जिम्मा सौंपा गया है।गोंडा जिला पंचायत सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम प्रियंका निरंजन ने समीक्षा बैठक कर साफ कर दिया है कि निर्वाचक नामावली (वोटर लिस्ट) के पुनरीक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने निर्देश दिए कि मृत मतदाताओं और स्थानांतरित लोगों के नाम लिस्ट से हटाए जाएं और नए युवाओं, महिलाओं व दिव्यांगों के नाम प्राथमिकता पर जोड़े जाएं। घर-घर जाकर सर्वे करने और दावों-आपत्तियों का निष्पक्ष निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोकतंत्र की आधारशिला (वोटर लिस्ट) पूरी तरह त्रुटिरहित रहे।
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पंचायत सहायकों को आयुष्मान कार्ड का 'महा-अभियान' टास्क
मऊ के दोहरीघाट ब्लॉक में पंचायत सहायकों को विशेष प्रशिक्षण देकर यह जिम्मेदारी दी गई है कि अब लाभार्थियों को कार्ड बनवाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अब पंचायत सहायक अपने-अपने ग्राम पंचायत के पंचायत भवनों पर अंत्योदय कार्ड धारकों, 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों और स्वतंत्रता सेनानियों के आयुष्मान कार्ड बनाएंगे। जिला ग्रोवांस मैनेजर सुजीत सिंह ने सहायकों को पोर्टल लॉगिन और डाटा फीडिंग की बारीकियां सिखाईं।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी 5 लाख का सुरक्षा कवच
एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत, अब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को भी आयुष्मान कार्ड योजना से जोड़ा जा रहा है। बाल विकास परियोजना अधिकारी उषा यादव ने बताया कि कार्यालय स्तर पर कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे इन कार्यकर्ताओं को सरकारी और निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
प्रशासन का संदेश
चुनाव से पहले सरकार की कोशिश है कि ग्रामीण स्तर पर जनसुविधाएं (आयुष्मान कार्ड) शत-प्रतिशत पहुंचें और चुनावी प्रक्रिया (वोटर लिस्ट) में पारदर्शिता बनी रहे। पंचायत सहायकों की इस सक्रियता को चुनाव से पहले सरकार के 'रिपोर्ट कार्ड' को बेहतर बनाने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है।


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