ट्रेन इंजन के पेंटोग्राफ में फंसा चाइनीज मांझा, लेट हुई ट्रेन, रेलवे कर्मी की सतर्कता से टला हादसा
नर्मदापुरम: शहर और आसपास के इलाकों में तेजी से बढ़ रही पतंगबाजी अब रेलवे संचालन के लिए भी खतरा बनती जा रही है. रविवार रात एक ट्रेन के इंजन के पेंटोग्राफ में चाइनीज मांझा फंस गया. जिससे कुछ देर के लिए ट्रेन को स्टेशन पर ही रुकना पड़ा. यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से 20 मिनट पहले इटारसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 पर पहुंची थी, लेकिन मांझा फंसे होने के कारण ट्रेन को 8 मिनट की देरी से रवाना किया गया.
रेलवे कर्मचारी की सतर्कता से बड़ा हादसा टला
रेलवे कर्मचारियों ने सतर्कता दिखाते हुए इंजन की जांच की और पेंटोग्राफ में फंसे चाइनीज मांझे को सुरक्षित तरीके से निकाला. इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें इंजन से मांझा हटाते हुए कर्मचारियों को देखा जा सकता है. यदि समय रहते मांझा नहीं निकाला जाता, तो बड़ा हादसा भी हो सकता था.
अपील के बावजूद नहीं रुक रही पतंगबाजी
रेलवे प्रशासन ने पहले ही आम लोगों से अपील की थी कि रेलवे बाउंड्री के पास पतंगबाजी न करें, क्योंकि इससे ट्रेनों की बिजली लाइन और इंजन को नुकसान पहुंच सकता है. इसके बावजूद शहर और आसपास के क्षेत्रों में खुलेआम पतंग उड़ाई जा रही है. इस संबंध में स्टेशन प्रबंधक विनोद चौधरी ने कहा कि "ट्रेन बिफोर आई हुई थी. इटारसी में ट्रेन का इंजन बदलता है, इसलिए ट्रेन का इंजन बदलकर उसे रवाना किया गया है. ट्रेन के पेटोंग्राफ में मांझा उलझा हुआ था, जिसे रेलवे कर्मचारियों द्वारा हटाया गया."
क्या है पेंटोग्राफ?
पेंटोग्राफ इलेक्ट्रिक ट्रेनों की छत पर लगने वाला एक उपकरण है, जो ओवरहेड तारों के संपर्क में रहता है और इंजन तक बिजली पहुंचाता है. यह एक जिग-जैग आकार की तरह दिखने वाली वस्तु होती है, जो एयर प्रेशर से बिजली के तारों के संपर्क में रहती है. जिसके कारण ट्रेन को बिजली आपूर्ति होती है जिससे ट्रेन चलती है.
लोगों के गले में भी फंस रहा है चाइनीज मांझा
शहर में चाइनीस मांझा आम लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है. आए दिन दोपहिया वाहन चालकों के गले में मांझा फंसने की घटनाएं सामने आ रही है. 14 फरवरी को शुभम शर्मा के साथ भी ऐसा ही हादसा हुआ. शुभम बाइक से पढ़ाई के लिए पुरानी इटारसी जा रहा था, तभी आजाद पंजा चौराहे के पास उसके गले में चाइनीस मांझा फंस गया. इस घटना में गंभीर रूप से घायल शुभम के गले में छह टांके आए.
स्थानीय लोगों का कहना है कि चाइनीस मांझा न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह इंसानों, पक्षियों और सार्वजनिक संपत्ति के लिए भी बेहद खतरनाक है. इसके साथ ही प्रशासन से मांग की जा रही है कि चाइनीज मांझे की बिक्री और पतंगबाजी पर सख्ती से कार्रवाई की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले हालात पर काबू पाया जा सके.


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