विराट कोहली से युवा खिलाड़ियों को सीख लेने की जरूरत; गावस्कर ने हार की वजह गिनाते हुए दी नसीहत
पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि अच्छी शुरुआत नहीं मिलने के कारण भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि टीम के बल्लेबाजों को मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते समय पारी को सही ढंग से आगे बढ़ाने के लिए विराट कोहली से सीख लेनी चाहिए।भारत को इंदौर में खेले गए तीसरे और अंतिम वनडे में न्यूजीलैंड से 41 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस तरह वह न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर पहली बार वन डे श्रृंखला में हार गया। भारत के प्रमुख बल्लेबाजों में केवल कोहली ही अच्छा प्रदर्शन कर पाए। उन्होंने 108 गेंद पर 124 रन बनाए।गावस्कर ने जियोस्टार के एक कार्यक्रम में कहा, ‘विराट कोहली को पूरा सहयोग नहीं मिलने के कारण भारत के लिए चीजें मुश्किल हो गई। कोहली को बहुत कम सहयोग मिला। इस श्रृंखला में भारत के लिए असली समस्या अच्छी शुरुआत न कर पाना रही है। कहा भी जाता है कि अच्छी शुरुआत का मतलब आधा काम हो गया।’
विराट कोहली किसी एक छवि में नहीं बंधे, इसीलिए वह महान; गावस्कर ने क्यों कहा?
उन्होंने बताया, ‘भारत की शुरुआत कभी अच्छी नहीं रही और यही उसकी हार के मुख्य कारणों में से एक है कि वह बड़े स्कोर का पीछा करने में सक्षम नहीं था।भारत के आधे बल्लेबाज 159 रन तक पवेलियन लौट गए थे जिससे टीम की जीत की संभावना को गंभीर झटका लगा था।गावस्कर ने कहा, ‘जब आप केएल राहुल जैसे शानदार फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को खो देते हैं और आपके पास नीतीश कुमार रेड्डी हैं, जिन्होंने 53 रन की इस पारी से पहले अपनी क्षमता का सही प्रदर्शन नहीं किया था, और फिर हर्षित राणा हैं, जिनसे आप कभी भी पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हो सकते कि वह कैसा प्रदर्शन करेंगे तो लक्ष्य तक पहुंचना बड़ी चुनौती बन जाती है। भारत को ठीक इसी स्थिति का सामना करना पड़ा।’
कोहली के नाम दर्ज हुआ शतकों का ये शर्मनाक वर्ल्ड रिकॉर्ड, क्रिस गेल छूटे पीछे
इस पूर्व बल्लेबाज ने आखिर तक प्रयास करने के लिए कोहली की प्रशंसा की और दूसरों से उनकी मानसिकता और निरंतरता का अनुकरण करने को कहा।उन्होंने कहा, ‘उनकी विशेषता यह है कि वे किसी छवि से बंधे नहीं हैं। कई बल्लेबाज और गेंदबाज यह सोचते हैं कि लोग उनके बारे में कैसा सोचते हैं और उन्हें लगता है कि उन्हें अपनी क्षमता पर खरा उतरना होगा। विराट ऐसे नहीं हैं।’
शतक भी नहीं बचा पाएगा कोहली की लाज, ICC वनडे रैंकिंग में छिनकर रहेगा ताज
गावस्कर ने कहा, ‘वह (कोहली) अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और वह काम है रन बनाना। कभी-कभी इसका मतलब होता है संभलकर खेलना और फिर खुलकर खेलना। कभी-कभी इसका मतलब जल्दी आक्रामक अंदाज अपनाना या फिर परिस्थितियों के अनुसार स्ट्राइक रोटेट करना होता है। कोहली इस बारे में नहीं सोचते कि उनसे किस तरह से खेलने की उम्मीद की जाती है।उन्होंने कहा, ‘उनका स्वभाव ही सबसे अहम है। वह यह नहीं सोचते कि ‘मुझसे छक्का मारने की उम्मीद की जाती है।’ वह परिस्थिति के अनुसार खेलते हैं। वह कभी हार नहीं मानते। उन्होंने आखिर तक प्रयास किया। युवाओं को उनसे यही सबक लेना चाहिए कि वे किसी तरह की छवि में बंधकर नहीं रहें और परिस्थिति के अनुसार खेलें। ऐसा करने पर आप अधिक सफल और निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी बन जाओगे।’


इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में छत्तीसगढ़ का नया अध्याय बनाया धमतरी जिले ने
इरादों की स्याही से किशन जंगम ने लिखी सफलता की नई इबारत
स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 की तैयारियां प्रारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव पन्ना में 204 करोड़ रूपए से अधिक राशि के 22 विकास कार्यों की देंगे सौगात
संसद में NEET विवाद पर बढ़ा सियासी टकराव, राहुल गांधी की बैठक से क्या निकलेगा हल?
CJP प्रोटेस्ट विवाद: सरकार ने कहा- संवाद के रास्ते खुले, 4 बार भेजा बातचीत का न्योता
हापुड़ में 6 साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म प्रयास, पुलिस ने दर्ज किया केस
शिक्षा पर कितना निवेश, कितना बदलाव? मोदी सरकार के 12 साल का डेटा आया सामने