माघ महीने में स्नान और दान-पुण्य के कार्यों का है विशेष महत्व

हिंदू कैलेंडर के अनुसार 11वां महीना माघ का महीना होता है। इस माह में पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य के कार्यों का विशेष महत्व होता है। माघ के महीने में पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य के कार्यों का विशेष महत्व होता है। इस दौरान जगत के पालनहार श्रीहरि विष्णुजी की पूजा-आराधना करने से भी विशेष फलों की प्राप्ति होती है। ऐसा करने से घर में धन, सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं माघ महीने की शुरुआत कब हो रही है।
हिंदू पंचांग के अनुसार 04 जनवरी से ही  माघ का महीना शुरु हो गया।  
माघ में महीने में क्या करना चाहिए। इस माह में गरीबों और जरुरतमंदों को अपने क्षमतानुसार अन्न-धन का दान करें। माघ के महीने में पवित्र नदियों में स्नान करना काफी पुण्यफलदायी माना जाता है।  माना जाता है कि इससे व्यक्ति के जीवन के सभी पाप-कष्ट दूर होंगे।
माघ के महीने में तिल और गुड़ का सेवन करना उत्तम माना गया है।
इस माह में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा-आराधना करना चाहिए।
 माघ में नियमित तुलसी के पौधे पर जल अर्पित करें और माता तुलसी की पूजा करनी चाहिए।
 माघ के महीने में भोजन, वस्त्र और तिल का दान करना शुभ होता है।
माघ महीने में क्या नहीं करें
 माघ महीने में मांस-मदिरा सहित तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए।
 इस अवधि में घर की साफ-सफाई का ख्याल रखना चाहिए।
 इस महीने में क्रोध से बचना और अपशब्दों का इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है।
 माघ महीने में बड़े-बुजुर्गों का अपमान नहीं करना चाहिए।
इस अवधि के दौरान किसी भी सदस्यों से व्यर्थ में वाद-विवाद न करें और घर में शांति बनाएं रखें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *