रामजी के नाम पर आपत्ति क्यों? कैलाश विजयवर्गीय का कांग्रेस पर सवाल

भोपाल। ‘कांग्रेस को रामजी के नाम पर हमेशा आपत्ति क्यों होती है. नेहरू, गांधी परिवार के नाम पर देश में 600 योजनाओं के नाम हैं, रामजी के नाम पर एक योजना आई तो इतनी आपत्ति क्यों? कांग्रेस को राम के नाम से इतनी तकलीफ है कि उनके नेता अभी तक दर्शन करने श्रीराम मंदिर नहीं गए. लेकिन अब उत्तर प्रदेश के चुनाव आने वाले हैं तो रामजी की याद जरूर आएगी.’ यह बातें मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कही. वे वीबी जी रामजी योजना को लेकर मीडिया से चर्चा कर रहे थे।

‘मनरेगा नाम करके क्या नेहरू का अपमान नहीं किया’

विकसित भारत ग्रामीण विकास मिशन यानी जी रामजी योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बीजेपी नेता लगातार कार्यशालाएं लेने के साथ ही, पत्रकारवार्ता कर रहे हैं. इंदौर में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस योजना को लेकर मीडिया से मुखातिब हुए. इस दौरान विजयवर्गीय ने योजना के लाभ, उनमें लाए बदलाव, योजना को लेकर राज्य सरकार को मिले अधिकारों, भ्रष्टाचार रोकने के लिए लोकपाल की नियुक्ति समेत अन्य पहलुओं पर तो बात की. लेकिन वे कांग्रेस पर ज्यादा हमलावर नजर आए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को रामजी के नाम पर आपत्ति क्यों होती है? कांग्रेस के जमाने में जवाहर रोजगार योजना के नाम से शुरू हुई योजना बदलते बदलते मनरेगा हो गई तो क्या इससे नेहरू का अपमान हो गया. देश में नेहरू, गांधी परिवार के नाम पर 600 योजनाओं के नाम हैं, अगर रामजी के नाम पर एक योजना आई तो उन्हें आपत्ति क्यों है?

‘UP के चुनाव में कांग्रेस को रामजी याद आएंगे’

कैलाश विजयवर्गीय यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि परिस्थिति, आवश्यकता को देखते हुए योजना, कानून में बदलाव की जरूरत होती है. रामजी के नाम से कांग्रेस को तकलीफ है, इसलिए उनके नेता अभी तक राम मंदिर नहीं गए. लेकिन अब उत्तर प्रदेश के चुनाव आने वाले हैं तो कांग्रेस के नेताओं को रामजी की याद आएगी. कांग्रेस द्वारा योजना के विरोध में प्रदेशव्यापी उपवास रखने के सवाल पर विजयवर्गीय ने कहा कि अच्छा है इससे देश का अन्न बचेगा।

राम जी योजना में अच्छे प्रावधान किए गए

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जी राम जी योजना में कई अच्छे प्रावधान किए गए हैं. सबसे ज्यादा फोकस भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए किया गया है, पहले मजदूरों की जगह फर्जी जॉब कार्ड से भुगतान होता था, बरसात में बह जाने वाली सड़कें मनरेगा योजना की हकीकत बताती हैं. नए बिल में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग और हर जिले में लोकपाल की नियुक्ति शामिल है. हर हफ्ते भुगतान होगा और फर्जी जॉब कार्ड खत्म होंगे. दरअसल पार्टी हाईकमान ने सभी वरिष्ठ नेताओं को निर्देश दिए हैं कि जी राम जी योजना के बारे में सभी से जानकारी साझा की जाए, इसके तहत ही वरिष्ठ नेता मीडिया से चर्चा कर रहे हैं।

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